
Noida News : ग्रेटर नोएडा (चेतना मंच)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के कारण जमीनों की कीमतों में आई उछाल ने अब रिश्तों को भी तार-तार कर दिया है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में एक बच्ची के नाम पर दर्ज जमीन का मोटा मुआवजा मिलने के बाद उसकी सगी बुआ के दिल में लालच आ गया और वह मुआवजे की रकम डकार गई। करोड़ों रुपये की रकम डकारने के बाद भी कलियुगी बुआ का जब मन नहीं भरा तो उसने मासूम बच्ची की जमीन को बेचना शुरू कर दिया। बच्ची की मां ने बुआ के खिलाफ थाना जेवर में मुकदमा दर्ज कराया है।
ग्राम नगला भटोना करौली बांगर निवासी सोनिया ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 3 फरवरी 2014 को उसकी 3 वर्षीय नाबालिग बेटी कुमारी आरती के पक्ष में उसके पिता ने संपत्ति का बैनामा किया था। परिजनों व रिश्तेदारों की सहमति से आरती की संपत्ति की सुरक्षा के लिए उसकी सगी बुआ मेनका पर विश्वास करते हुए उसे बैनामे में संरक्षक बनाया गया था। उक्त भूमि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अधिग्रहित कर ली और मुआवजे के रूप में 1 करोड़ 56 लाख 8568 रुपये कुमारी आरती के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पीड़िता का आरोप है कि गत दिनों जब उसने बैंक से आरती के खाते का स्टेटस पता किया तो पता चला कि उक्त धनराशि में से केवल 18 लाख रुपये की एफडी आरती के नाम कराई गई है। खाते में केवल 194000 ही रूपये बचे हैं। शेष धनराशि 1 करोड़ 38 लाख रुपये को आरती की बुआ मेनका ने अपने बैंक खातों में हस्तांतरित करा लिया है।
आरोप है कि उक्त धनराशि की अमानत में खयानत करने के बाद मेनका ने अपने चाचा अमरपाल के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत उनकी नाबालिग बेटी की भूमि को बेचना प्रारंभ कर दिया। जबकि उसे अच्छी तरह से पता था कि वह केवल भूमि की संरक्षक है। मेनका ने धोखाधड़ी से कुमारी आरती की भूमि को बेचकर उसकी रकम हड़प ली। भूमि बेचने के षड्यंत्र में मेनका के चाचा अमरपाल ने पूरा सहयोग किया। पीड़िता ने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय के निर्देश पर मेनका व उसके चाचा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। Noida News