
Noida News : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर हाथियों के अंगों को लेकर है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश और गाजियाबाद के कुछ वन्य जीव अंग तस्कर यहां पर एकत्र हुए थे और हाथी के एक विशेष अंग का सौदा कर रहे थे। इससे पहले कि सौदा फाइनल होता, एसटीएफ (STF) की टीम को भनक लग गई और तस्करों को दबोच लिया।
STF एडिशनल एसपी आर. के. मिश्रा ने बताया कि एसटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि चिपयाना के साईं गार्डन के एक मकान में कुछ तस्कर हाथी दांत की डील करने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं। जिसके बाद एसटीएफ और थाना बिसरख पुलिस सूचना के आधार पर पुलिस टीम साईं गार्डन कॉलोनी पहुंची। इस दौरान मुखबिर ने होंडा सिटी कार के पास खड़े दो युवकों की ओर इशारा करते हुए बताया दोनों युवक वन्य जीव अंग तस्कर हैं और इनके पास हाथी दांत है जिसकी डील होने वाली है। जिसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को एक काले रंग के बैग के साथ दबोच लिया।
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम अंकुर माथुर पुत्र अजय कुमार माथुर निवासी सेवियर सोसायटी क्रॉसिंग रिपब्लिक गाजियाबाद तथा रजत पवार पुत्र सुरेश कुमार निवासी सोलन हिमाचल बताया। इनके पास से मिले बैग से हाथी दांत बरामद हुआ है। हाथी दांत की पुष्टि के लिए गौतमबुद्धनगर के वन रेंज अधिकारी से संपर्क किया गया। वन दरोगा रामअवतार चौधरी ने जांच के बाद हाथी दांत होने की पुष्टि की।
एडीसीपी ने बताया कि बरामद हाथी दांत का वजन लगभग 1800 ग्राम है और इसकी कीमत लाखों रुपये में है। पूछताछ में रजत ने बताया कि वह मूल रूप से सोलन हिमाचल का रहने वाला है और मुजफ्फरनगर निवासी अरविंद नामक व्यक्ति के साथ गाड़ी चलाने का काम करता था। करीब 1 माह पहले दोनों सोलन से चिपयाना में आकर रहने लगे थे।
अरविंद ने उसे हाथी दांत के बारे में बताया और अपने साथ एक जगह लेकर गया जहां से उन्होंने इसे चोरी किया था। रजत ने बताया कि बरामद होंडा सिटी कार अरविंद की है। उसने यह कार हाथी दांत बेचकर आने के लिए दी थी। उन्होंने बताया कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 एवं धारा 379/ 411 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। Noida News