
Noida News / ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शुमार ग्रेटर नोएडा में किसानों का आंदोलन एक बार फिर शुरू होने वाला है। 18 जुलाई से शुरू हो रहे इस आंदोलन में इस बार बहुत कुछ नया होगा। आंदोलन के लिए किसान संगठन गांव-गांव में घूमकर किसानों को अपनी बात समझा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसी जनआंदोलन में यह पहला अवसर है कि जब महिलाएं सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रही हैं। संभावना यह भी जताई जा रही है कि इस बार का किसान आंदोलन राजनीतिक रंग में रंगा होगा।
आपको बता दें कि 25 जून को नोएडा में उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दबाव में ग्रेटर नोएडा का 62 दिन लम्बा धरना आनन-फानन में समाप्त करा दिया गया था। इस धरने को समाप्त कराने के लिए किसानों को यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी सारी मांगों को पूरा करने के मकसद से प्रदेश स्तर पर हाई पॉवर कमेटी बनाई जा रही है। यह हाई पॉवर कमेटी सारी समस्याओं का निस्तारण करायगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने 62 दिन चला धरना समाप्त कर दिया था।
अब 18 जुलाई से किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर एक बार फिर धरना शुरू करेंगे। इस धरने को समर्थन देने तथा धरनास्थल पर किसानों को संबोधित करने के लिए विपक्ष के अधिकतर नेताओं को न्यौता भेजा जा रहा हैं। किसान सभा के प्रवक्ता डा. रूपेश वर्मा ने बताया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं को धरने पर आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत को भी धरने पर बुलाया जाएगा।
इस आंदोलन की अगुवाई करने वाले किसान नेता डा. रूपेश वर्मा ने बताया कि इस बार किसान प्राधिकरण के साथ आर-पार की लड़ाई शुरू करने जा रहे हैं। जब तक किसानों की सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी तब तक किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को घेरे रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि किसान इस बार के आंदोलन को पूरे एक साल तक चलाने के मकसद से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को घरेंगे। यह घेराव 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन अलग-अलग गांव में जाकर आंदोलन के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को श्रीमती तिलक देवी, गीता देवी, विनोद सरपंच, अजब सिंह नेता जी, आकाश नागर, राजू नागर, सतपाल नागर, प्रीतम नागर, बिटटू नागर, जयवीर नागर एवं महेश नागर आदि किसानों ने विभिन्न गांवों मेंं जाकर 18 जुलाई को शुरू हो रहे आंदोलन के लिए जनसंपर्क किया। Noida News