
Noida News / Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर पीड़ित किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने 8 मई को जेपी गोल चक्कर से परी चौक होते हुए वापस जेपी गोल चक्कर पर काली पट्टी बांधकर जुलूस निकालने का प्रोग्राम जारी किया है। साथ ही 15 मई को हजारों की संख्या में प्राधिकरण के घेराव का कार्यक्रम रखा है। दोनों कार्यक्रमों की तैयारी के लिए धरना स्थल पर बैठक हुई। गांव में प्रचार के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। जो उक्त दोनों कार्यक्रमों के लिए लोगों को अवगत कराएंगे और गांव स्तर की कमेटियां भारी संख्या में लोगों को लेकर आएंगी। आज के धरने की अध्यक्षता प्रकाश प्रधान सिरसा ने की। संचालन सादोपुर गांव कमेटी के अध्यक्ष निरंकार प्रधान ने किया।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि प्राधिकरण अधिकारियों से हुई वार्ता के क्रम में प्राधिकरण के स्तर से कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। 10% के मुद्दे पर ठाकुर जयवीर सिंह की हाई पॉवर कमेटी ने सभी को 64 परसेंट मुआवजा और 10% प्लाट देने की सिफारिश की थी। 91 वीं बोर्ड बैठक में प्राधिकरण ने 64 परसेंट मुआवजे की सिफारिश मान ली, जबकि 104 वीं बोर्ड बैठक में 10% प्लॉट देने का प्रस्ताव पास कर अनुमोदन के लिए शासन को प्रेषित कर दिया था।
प्राधिकरण ने जानबूझकर गुमराह करने की नीयत से प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया था। जबकि इस संबंध में शासन स्तर से पहले ही हाई पॉवर कमेटी की सिफारिशें मौजूद थी। अभी भी प्राधिकरण किसानों के साथ वार्ता में शासन का अनुमोदन प्राप्त करने की जिद किए हुए हैं। जबकि हाई पॉवर कमेटी की सिफारिशों के मद्देनजर शासन के अनुमोदन की कोई आवश्यकता नहीं है। जिस तरह 91 वीं बोर्ड बैठक में 64 परसेंट मुआवजे के संबंध में सिफारिश अपना ली गई थी। उसी तरह 10 परसेंट के संबंध में हाई पॉवर कमेटी की सिफारिशों को अपनाकर बिना शासन के अनुमोदन की आवश्यकता के प्लाट दिए जा सकते हैं।
प्राधिकरण के अधिकारी शासन का पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने की बात कह कर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी तरह प्राधिकरण की ओर से 533 आबादी प्रकरणों एवं 208 बादलपुर के प्रकरणों मैं शासन स्तर पर पैरवी नहीं की जा रही है। जिसके कारण कई वर्षों से उक्त प्रकरण लीज हेतु लंबित हैं। शिफ्टिंग के संबंध में भी प्राधिकरण अधिकारी किसानों को गुमराह कर रहे हैं। प्राधिकरण ने अपनी जरूरत के अनुसार किसानों की आबादी को विकसित क्षेत्र से कम विकसित क्षेत्र में शिफ्टिंग की है। शिफ्टिंग के संबंध में आबादी नियमावली में पहले से प्रावधान मौजूद हैं। परंतु प्राधिकरण ने किसानों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से शिफ्टिंग के 211 प्रकरणों में शिफ्टिंग का रकबा आधा करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया। पिछले 3 माह से किसानों से वार्ता में प्राधिकरण अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को गलत माना है। परंतु इस पर आज तक कोई कार्यवाही प्राधिकरण की ओर से नहीं की गई है। किसान सभा के नेता पप्पू प्रधान ने बयान देते हुए कहा कि किसान अबकी बार प्राधिकरण के बहकावे अथवा आश्वासन में आने वाले नहीं हैं मुद्दों पर ठोस कार्रवाई के बिना महापड़ाव जारी रहेगा।
किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा ने कहा की सीधी खरीद के मामले में प्राधिकरण ने 2014 के बाद से गौतम बुध नगर में सर्किल रेट नहीं बढ़ने दिए हैं। जबकि इससे पहले गौतम बुध नगर में हर 2 वर्ष एवं 3 वर्ष के अंतराल पर सर्किल रेट में वृद्धि की जाती थी। इसी तरह उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी निरंतर वृद्धि होती रही है। प्राधिकरण ने क्षेत्र में ग्राम पंचायते इस मकसद से खत्म करवाई हैं जिससे कि प्राधिकरण क्षेत्र के गांव में कानून के अनुसार सर्किल रेट का 4 गुना मुआवजा नहीं देना पड़े साथ ही कानून के अनुसार प्राधिकरण सीधी खरीद में प्रभावित किसानों को 20% आबादी प्लाट से वंचित कर रहा है किसान सभा के नेता राजीव नागर ने कहा कि हम पूरे दृढ़ संकल्प के साथ लगे हुए हैं हजारों की संख्या में किसान प्राधिकरण के विरुद्ध 15 मई को आंदोलन करने पहुंचेंगे। जिसमें महिलाओं की संख्या भी हजारों में होगी।
इस दौरान महापड़ाव के चलते धरने प्रदर्शन में सुरेश यादव, निशांत रावल, संदीप, गवरी मुखिया, मनोज यादव प्रधान, हरि प्रकाश, यतेंद्र मैनेजर, अशोक आर्य, जयवीर भाटी, अजय पाल भाटी, लाला यादव, अमित भाटी, अमित यादव, सुरेंद्र यादव, सतीश यादव, पप्पू यादव, पवन त्यागी, ज्ञान त्यागी, ब्रहम यादव, राकेश गोयल, महाराज सिंह प्रधान, बाबा रामचंद्र और हजारों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। Noida News