नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कर्मचारियों का होगा हेल्थ सर्वे, मिलेगा एक्सट्रा ब्रेक
Noida News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 10:32 PM
Noida News : नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले युवाओं के स्वास्थ्य पर कार्यस्थल का दबाव कितना असर डाल रहा है, इसे लेकर अब एक व्यापक सर्वे शुरू होने जा रहा है। यह सर्वे स्वास्थ्य विभाग और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की साझेदारी में किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य युवाओं को शारीरिक और मानसिक तौर पर राहत देना है।
सर्वे में शामिल होंगे 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी
स्वास्थ्य विभाग इस परियोजना को लागू करने के लिए सामाजिक संस्थाओं की मदद लेगा। ये संस्थाएं विभिन्न कंपनियों में जाकर कर्मचारियों से एक फॉर्म भरवाएंगी, जिसमें उनकी सेहत से जुड़ी समस्याओं और काम के दबाव को लेकर जानकारी ली जाएगी। खासतौर पर यह पता लगाया जाएगा कि लगातार घंटों कंप्यूटर के सामने बैठने, गलत पॉश्चर, थकान और तनाव जैसे हालात से उनकी सेहत पर कितना असर पड़ा है। सर्वे में 10,000 से अधिक कर्मचारियों को शामिल करने की योजना है।
जरूरत पड़ी तो मिलेगा आधे घंटे का अतिरिक्त ब्रेक
इस सर्वे का सबसे अहम उद्देश्य है ओवरवर्क से हो रही बीमारियों को पहचानना और कर्मचारियों को समय रहते राहत देना। अगर सर्वे में यह सामने आता है कि कर्मचारी जरूरत से ज्यादा काम के दबाव में हैं, तो उन्हें हर दिन आधे घंटे का अतिरिक्त ब्रेक देने की सिफारिश की जाएगी, जिससे वे मानसिक रूप से खुद को बेहतर महसूस कर सकें।
विशेषज्ञ भी होंगे शामिल
जिला स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. टीकम सिंह के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कंपनियों में युवाओं में आंखों में जलन, पीठ और गर्दन में दर्द, तनाव, चिंता और घबराहट जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं। कई युवा मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCCHH) के अंतर्गत शुरू किया जा रहा है। इसकी फंडिंग यूएनईपी द्वारा की जाएगी।
क्या है यूएनईपी?
यूएनईपी (UNEP) यानी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम एक वैश्विक संस्था है, जिसकी स्थापना 1972 में हुई थी। यह संस्था पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। भारत और यूएनईपी के बीच लंबे समय से सहयोग जारी है, और कई परियोजनाएं संयुक्त रूप से चलाई जा रही हैं। इस पहल से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि कंपनियों को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि बेहतर कार्य वातावरण से उत्पादकता में कैसे सुधार लाया जा सकता है। Noida News