
Noida News / ग्रेटर नोएडा (चेतना मंच)। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे वृद्ध कैदी की उपचार के दौरान जिम्स अस्प्ताल में मौत हो गई। थाना ईकोटेक-1 पुलिस ने वृद्ध कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
लुक्सर स्थित जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 92 वर्षीय रामटेक की हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान रामटेक की मौत हो गई। अस्पताल से सूचना मिलने पर थाना ईकोटेक-1 पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि रामटेक के खिलाफ पूर्व में मुरादनगर थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। रामटेक गाजियाबाद की डासना जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। गत 23 मार्च को उसे गाजियाबाद से लुक्सर की जेल में ट्रांसफर किया गया था। 92 वर्षीय रामटेक पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था। उसका जेल अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगडऩे पर जेल प्रशासन ने उसे जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया था।
जारचा कस्बे में बिजली का फाल्ट ठीक करते समय एक इलेक्ट्रिशियन करंट की चपेट में आ गया। गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ने बताया कि जारचा निवासी 22 वर्षीय बंटी पुत्र नेपाल सिंह कस्बे में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। एक पड़ोसी ने अपने घर में बिजली ना आने की शिकायत की जिस पर बंटी पोल पर लगे कनेक्शन बॉक्स में फाल्ट ढूंढने लगा। इस दौरान फाल्ट ठीक करते समय बंटी का हाथ 11000 केवीए के तार की चपेट में आ गया, जिस कारण करंट का तेज झटका लगने से वह जमीन पर आ गिरा। गंभीर स्थिति में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।