
Noida News राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) द्वारा लगातार दिए जा रहे दिशा निर्देशों का नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोई पालन नहीं हो रहा। देश की राजधानी दिल्ली से सटे इन दोनों शहरों में प्रदूषण रोकने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिस कारण अगले तीन दिनों में ग्रेटर नोएडा की आबोहवा जहरीली होने की संभावना जताई जा रही है। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण यूपी के इस आधुनिक शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन के पार पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, यूपी के आधुनिक शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा को दोनों शहरों के प्राधिकरणों द्वारा क्लीन एंड ग्रीन होने का दावा किया जाता है। लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के यह दावे उस समय खोखले साबित होते दिखते हैं, जब इन शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक देखा जाता है। रविवार को नोएडा व ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन में 300 के पार पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने हवा थमने और पराली के धुएं की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ने का दावा किया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक तीन दिनों तक वायु प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने ग्रेनो का एक्यूआई 400 के पार पहुंचने की आशंका जताई है।
महज एक सप्ताह पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा काफी अच्छी थी। ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई येलो और नोएडा का एक्यूआई ग्रीन जोन में पहुंच गया था, लेकिन पिछले तीन दिन में दोनों शहर का वायु प्रदूषण खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। ग्रैप लागू होने के बाद पहली बार दोनों शहर का एक्यूआई रेड जोन में पहुंचा है।