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नोएडा में सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत, इलेक्ट्रिक बस सेवा की तैयारी, और मानसून से पहले नाला सफाई की मांग तेज हुई।

Noida News: नोएडा, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख और विकसित शहर है, जिसके बारे में हर कोई नवीनतम जानकारी प्राप्त करना चाहता है। हम यहां नोएडा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें, दैनिक अखबारों के हवाले से, एक साथ प्रस्तुत करते हैं। 27 मई के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित नोएडा की प्रमुख खबरें आपको यहां एक साथ पढ़ने को मिलेंगी। Noida News:
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “डंपर से टकराई बाइक, पीछे से आ रही कार ने पिता-पुत्र को रौंदा, मौत” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि थाना क्षेत्र के चचूरा-दनकौर मार्ग पर मंगलवार को बाइक डंपर को ओवरटेक करने के दौरान टकरा गई। इसके बाद अनियंत्रित होकर बाइक सवार परिवार सड़क पर गिर गया। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई। बाइक चलाते समय बेटे ने हेलमेट लगा रखा था। जानकारी के अनुसार अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी ओमप्रकाश (50) अपनी पत्नी देवेंद्री (48) और पुत्र अनिल (21) के साथ मंगलवार को अपने बहनोई के घर ग्रेटर नोएडा के घोड़ी बझेड़ा गांव गए थे। मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे तीनों बाइक पर सवार होकर दनकौर से अलीगढ़-टप्पल की ओर लौट रहे थे। तभी चचूरा-दनकौर मार्ग पर आगे चल रहे डंपर को ओवरटेक करने के दौरान डंपर से टकरा गए। बाइक टकराने के कारण पूरा परिवार सड़क पर गिर गया। इससे पहले कि वह संभल पाते, पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने तीनों को रौंद दिया। दंपती और उनके पुत्र के गंभीर चोटें आई। जबकि महिला की हालत गंभीर बनी पिता और पुत्र ने मौके पर ही दम तोड़ हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर रबूपुरा थाना क्षेत्र और बुलंदशहर के काकोड़ की पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों घायलों को बुलंदशहर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल महिला को ग्रेटर नोएडा के कांशीराम अस्पताल रेफर किया गया है। डंपर से टकराने के बाद जब दंपती और उनका बेटा जब जमीन पर गिरे तो वह मामूली घायल हुए थे। लेकिन पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने सभी को रौंद दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई और महिला गंभीर रूप से घायल है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से बात कर आरोपी कार की तलाश में जुटी है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “15 दिन में दौड़ेंगी बसें किराया 10 रुपये लगेगा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि अगर कोई अचड़न नहीं आई तो 15 दिनों में सिटी बसें दौड़ने लगेगीं। नोएडा प्राधिकरण बुधवार को यूपी परिवहन निगम से 100 बसों के संचालन का एमओयू साइन करेगा। ये बसें एसी इलेक्ट्रिक होंगी। किराया शहर के अंदर कहीं भी जाने पर 10 रुपये होगा। नोएडा से परी चौक का किराया 20 रुपये व नोएडा एयरपोर्ट तक 30 रुपये होगा। यह निर्णय मंगलवार को प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। उन्होंने तत्काल एमओयू करने के निर्देश दिए। जल्द से जल्द सिटी बसें अधिकतम 15 दिन में शुरू कराने के लिए कहा। बैठक में प्राधिकरण के सीईओ ने परिवहन निगम के प्रतिनिधि अधिकारियों से पूछा कि आप बसें कितने दिन में उपलब्ध करवा देंगे। शुरुआत कितनी बसों से और कितनी जल्द कर सकते हैं। निगम के अधिकारियों ने एक महीने में सभी 100 बसें उतरवाने का दावा किया। इसके साथ ही मौजूद 8 डबल डेकर बसें फिलहाल अपने 5 चार्जिंग स्टेशन से संचालित करने के लिए कहा। सीईओ ने तत्काल में चार्जिंग स्टेशन लगवाने के निर्देश दिए।
Noida News: अमर उजाला ने 27 मई 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “बालकनी से गिरा प्लास्टर का हिस्सा, घरेलू सहायिका घायल, सिर में लगे 12 टांके” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-107 स्थित ग्रेट वैल्यू शरणम् सोसायटी के एल टावर में आठवें फ्लोर के फ्लैट की बालकनी से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया। इससे घरेलू सहायिका घायल हो गई। उसके सिर पर गंभीर चोट आ गई। 12 टांके लगे हैं। इस घटना से निवासियों में नाराजगी है। एओए सदस्य शुभ्रज्योति भौमिक ने बताया कि घटना मंगलवार शाम 7:30 बजे हुई। उस समय निवासी पार्क में टहल रहे थे। जिस रास्ते पर प्लास्टर का हिस्सा गिरने से घरेलू सहायिका घायल हुई उससे लोग गुजरते हैं। आरोप है कि पिछले साल अक्तूबर में भी ऐसी घटना हुई थी। एओए की ओर से बिल्डर से जर्जर बिल्डिंग की शिकायत कई बार की जा चुकी है।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 27 मई 2026 का प्रमुख समाचार “फिर बढ़े सीएनजी के दाम जिले में 5 लाख किलो खपत” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि शहर में सोमवार को पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने के बाद अब मंगलवार को सीएनजी के दाम में भी 2 रुपये का इजाफा हुआ है। ऐसे में जिले के करीब 1.35 लाख सीएनजी चलित वाहन प्रभावित होंगे। जिले में करीब पांच लाख किलोग्राम सीएनजी की खपत होती है। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र का हिस्सा होने के नाते और चार साल पहले तक सीएनजी वाहनों की खूब मांग बढ़ी थी। लोगों ने पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों के एवज में किफायती सीएनजी ईंधन को ज्यादा पसंद किया। साल 2021-22 से नोएडा में इनकी संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा। यही कारण है वर्तमान में पेट्रोल चलित वाहनों के मुकाबले दस फीसदी वाहन सीएनजी चलित पंजीकृत हैं। खासकर नोएडा में प्रदूषण की समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भी प्रदूषण रहित ईंधन वाले वाहनों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके चलते परिवहन निगम की बसों से लेकर सीएनजी ऑटो शहर में सबसे ज्यादा नजर आती है।
Noida News: दैनिक जागरण के 27 मई 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “हाई कोर्ट के आदेश के बाद 650 से अधिक प्राइवेट शिक्षक जनणना कार्य से हटे” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जनपद में चल रहे जनगणना-2027 का कार्य प्राइवेट स्कूलों के 650 से ज्यादा शिक्षक नहीं करेंगे। हाई कोर्ट का आदेश आने पर शिक्षकों ने जनगणना के काम से दूरी बना ली है। सूत्रों ने बताया है कि मंगलवार तक सात से ज्यादा स्कूल प्रबंधकों ने जिला प्रशासन और जनगणना के नोडल अधिकारी को कोर्ट के आदेश की कापी भेजकर शिक्षकों को जाने से मना कर दिया है। आरोप है कि गंभीर बीमारी से ग्रस्त शिक्षकों ने जब प्रार्थना पत्र के साथ मेडिकल कागजात लगाकर आवेदन किया तो सभी को मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। फिलहाल, कोर्ट के आदेश के बाद अब प्राधिकरण के वर्क सर्किल से दो हजार कर्मचारियों को जनगणना की जिम्मेदारी दी गई है। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षिका ने बताया कि जनगणना 2027 कराने के लिए उन्हें पूरी तरह प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। पंचशील बालक इंटर कालेज में अव्यवस्था होने पर जब शिक्षकों ने प्रदर्शन एवं हंगामा किया तो उन्हें 20 मई को इंदिरा गांधी कला केंद्र में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया। इससे पहले काम कराने के लिए उन्हें खाने की एवज में चिप्स, फ्रूटी और समोसा दिया गया जबकि शाम पांच बजे तक रोटी-सब्जी व अन्य खाने की व्यवस्था नहीं की गई। इतना ही नहीं, कई शिक्षकों ने जनगणना करने से मना किया तो सभी पर मुकदमा कराने की धमकी दी गई। प्राइवेट स्कूल में बुराडी के एक शिक्षक ने बताया कि 29 मई को उनका स्कूल प्रबंधन के साथ अनुबंध खत्म हो जाएगा। इसके बाद उन्हें जनगणना के लिए महज नौ हजार रुपये भी कब मिलेंगे। उसका कुछ पता नहीं है। इसके अलावा दूसरे संस्थान में नौकरी का आवेदन करने के लिए भी समय नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्होंने जनगणना की किट लेने से मना कर दिया | करण नाम के शिक्षक का दिया कहना है कि वह मानसिक रूप से बीमार रहते हैं। पिछले दो वर्ष से डाक्टर से करा रहे हैं। अधिकारियों को बीमारी के मेडिकल कागजात दिखाने पर भी उनका नाम जनगणना करने की सूची में शामिल कर लिया। वह नहीं गए तो उन्हें आनलाइन ग्रुप पर मुकदमा कराने की चेतावनी दी गई। बावजूद इसके उन्होंने जनगणना की किट नहीं ली। इस बीच सात से ज्यादा स्कूल प्रबंधकों ने प्रशासन को हाईकोर्ट के उस आदेश की कापी भेजी है, जिसमें इंडिपेंडेंट सेल्फ फाइनेंस्ड स्कूल एसोसिएशन की याचिका पर न्यायाधीश ने प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को जनगणना के कार्य में लगाने से रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में याचिका पर जवाब भी मांगा है। नोडल प्रभारी और प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। 650 से अधिक शिक्षकों को जनगणना करनी थी।
Noida News:
Noida Today News: दैनिक जागरण के 27 मई के अंक में “मानसून से पहले नालों की सफाई की मांग, भेजा पत्र” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि डीडीआरडब्ल्यू फेडरेशन गौतमबुद्ध नगर ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र भेजकर मानसून से पहले शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और नालियों की सफाई कराने की मांग की है। फेडरेशन अध्यक्ष एनपी सिंह और वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि जिलें में सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। सड़कों और नालियों में जमा कूड़े से दुर्गंध फैल रही है, जबकि मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। एनपी सिंह ने कहा कि वर्षा के दौरान हर वर्ष नोएडा और ग्रेनो में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है, जिसका मुख्य कारण नालों की समय पर सफाई न होना है। संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि अभी तक नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी चयन शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सीवर विभाग द्वारा नालों में गंदगी डाली जा रही है, जबकि अनाधिकृत वेंडर भी सब्जियां, प्लास्टिक और कचरा नालों में फेंक रहे हैं। मानसून से पहले फोनरवा ने उठाई नालों की सफाई की मांग : फोनरवा ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर मानसून से पहले शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और नालियों की सफाई कराने की मांग की है। फोनरवा महासचिव केके जैन ने कहा कि बरसात के दौरान नोएडा के अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है, जिसका मुख्य कारण नालों की समय पर सफाई न होना है। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 150 से अधिक छोटे-बड़े नाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह से मानसून पूर्व बारिश शुरू होने की संभावना है, लेकिन अभी तक नालों की सफाई के लिए एजेंसी चयन और टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। केके जैन ने कहा कि सेक्टर-34 के अपार्टमेंट्स में हर वर्ष जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। इसके अलावा सेक्टर-22, 23, 33, 35, 40 और 51 में भी नालों के आसपास पानी भर जाता है। फोनरवा ने जून अंत तक सफाई कार्य पूरा कराने की मांग की है।
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