ग्रेटर नोएडा में एक हजार करोड़ रुपए निगल गए अफसर तथा ठेकेदार
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
28 May 2025 08:39 PM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपए प्राधिकरण के अफसर तथा ठेकेदार निगल गए हैं। आपको यह जानकर ताज्जुब हो रहा होगा कि आखिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अफसर तथा ठेकेदार एक हजार करोड़ रुपए की भारी भरकम रकम को कैसे निगल गए? यह सच है। दरअसल ग्रेटर नोएडा के ग्रामीण क्षेत्र में हुए एक हजार करोड़ रूपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। यह खुलासा होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हडकंप मचा हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट से हुआ ग्रेटर नोएडा में बड़ा खुलासा
आपको बता दें कि, उत्तर भारत के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुए एक बड़े घोटाले को उजागर किया है। दैनिक जागरण के 28 मई के अंक में धर्मेन्द्र चंदेल की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुए घोटाले को उजागर किया गया है। चेतना मंच ने इस रिपोर्ट के विषय में जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह मीडिया रिपोर्ट सच है। दैनिक जागरण की इस मीडिया रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हडकंप मचा हुआ है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी ने पूरे घोटाले की जांच कराने की घोषणा की है।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 64 गांवों में सीवर लाइन बिछाने में हुआ बड़ा घोटाला
दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि, ग्रेटर नोएडा के 64 गांवों में 2007 से 2012 तक बसपा शासन, काल के दौरान एक हजार करोड़ की लागत से रास्तों में डाली गई नीवर लाइन गायब हो गई है। इसका पर्दाफाश प्राधिकरण द्वारा गांव के रास्तों को फिर से दुरुस्त कराने के लिए कराए जा रहे विकास कार्यों के दौरान हुआ है। ठेकेदारों ने मरम्मत के लिए रास्तों की खोदाई की तो कई गांवों में सीवर लाइन नहीं मिली। प्राधिकरण में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर सीवर लाइन कहां गायब हो गई। सूत्रों का दावा है कि सीवर लाइन डाली ही नहीं गई थी। टैंडर जारी कर ठेकेदारों को प्राधिकरण ने सीवर लाइन डाले बिना ही भुगतान कर दिया गया। फाइलों में कार्य पूर्ण होना दिखा दिया गया। बंदरबाट में अधिकारियों को भी हिस्सा मिला।
ग्रेटर नोएडा के गांवों में बड़े पैमाने पर जारी हुए थे टेंडर
दैनिक जागरण की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि, प्रदेश में 2007 में बसपा सरकार बनने पर नोएडा व ग्रेनो प्राधिकरण ने गांवों में निर्माण कार्य के टेंडर बड़े पैमाने पर जारी किए। अकेले ग्रेटर नोएडा में सीवर लाइन बिछाने के लिए एक हजार करोड़ से अधिक के टेंडर छोड़े गए। 60 से अधिक ठेकेदारों को निर्माण कार्यों का टेंडर दिया गया। विकास कार्यों के नाम पर उन गांवों में भी सीवर लाइन बिछाने के टेंडर निकाले दिए गए थे, जहां तक मुख्य लाइन नहीं बनी थी। यही कारण है कि गिरधरपुर, पतला खेड़ा, कनारसी, कनरसा, चिरसी आदि दो दर्जन गांवों में लाइन बिछाए जाने के बावजूद सीवर शुरू नहीं हो सके हैं। ग्रामीणों की मांग पर ग्रेनो प्राधिकरण ने हबीबपुर, जलपुरा, कासना, चिपियाना, कुलेसरा, सुनपुरा, वैदपुरा आदि अनेक गांवों में फिर से विकास कार्यों के टेंडर निकाले। ठेकेदारों ने ग्रामीणों की मांग पर सीवर लाइन को भी दुरुस्त करने के लिए खोदाई की तो कई फीट जमीन खोदने के बाद भी वहां सीवर लाइन के पाइप नहीं मिले। रास्ते के नीचे से पाइप गायब मिले। सूत्रों की मानें तो सीवर लाइन के लिए पाइप डाले ही नहीं गए थे। इसी वजह से अब वह नहीं मिल रहे हैं। Greater Noida News