ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर जिला न्यायालय ने थाना एक्सप्रेसवे में दर्ज 2015 के मामले में दोषी कुलदीप को धारा 376 में 7 साल का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये कुल अर्थदंड सहित सजा सुनाई।

Greater Noida News : गौतमबुद्धनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप वर्ष 2015 में थाना एक्सप्रेसवे पर दर्ज एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई पैरवी के बाद 12 अक्टूबर 2026 को सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय ने अभियुक्त कुलदीप को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 366 और 376 के तहत दोषी पाते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, धारा 366 के तहत दोषी पाए जाने पर अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। वहीं, धारा 376 के तहत दोषी पाए जाने पर सात वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। दोनों मामलों में अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी आदेश में बताया गया है। Greater Noida News :
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल के अनुसार, यह मामला थाना एक्सप्रेसवे में दर्ज मुकदमा संख्या 224/2015 से संबंधित है। मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366क और 376 के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराएं 3/4 और 7/8 भी शामिल थीं। इस मामले में अभियुक्त की पहचान कुलदीप पुत्र विजय बहादुर सिंह के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में थाना बरोढ़ जलालाबाद क्षेत्र के दमोलिया गांव का निवासी बताया गया है। मामले में पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, थाना एक्सप्रेसवे पुलिस और अभियोजन इकाई ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। पुलिस के मुताबिक, इसी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 366 और 376 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य आपराधिक मामलों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के समुचित प्रस्तुतिकरण और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई को गति देना है। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में भी इस अभियान के तहत चिन्हित मामलों की निगरानी और न्यायालय में पैरवी पर जोर दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में मॉनिटरिंग सेल, संबंधित थानों के विवेचक और अभियोजन इकाई के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मामले में भी थाना एक्सप्रेसवे में दर्ज पुराने मुकदमे की न्यायालयीन कार्रवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन इकाई ने प्रभावी पैरवी की। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को न्यायालय से दोषसिद्धि और सजा का आदेश पारित हुआ।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, न्यायालय ने अभियुक्त को दो धाराओं में दोषी पाते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई है:
इस प्रकार दोनों धाराओं के तहत कुल 15,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। दोनों सजाओं को साथ-साथ चलाने या एक के बाद एक भुगतने के संबंध में उपलब्ध पुलिस विज्ञप्ति में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। Greater Noida News :
यह आदेश गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय से पारित हुआ है। ग्रेटर नोएडा में स्थापित जिला न्यायालय जिले में दर्ज आपराधिक मामलों की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया का प्रमुख केंद्र है। इस मामले में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि और सजा सुनाया जाना पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी का हिस्सा है। हालांकि, मामले में पीड़ित की उम्र, घटना की परिस्थितियों, साक्ष्यों, गवाहों की गवाही और न्यायालय की विस्तृत टिप्पणियों से संबंधित जानकारी पुलिस की विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए इन तथ्यों के बारे में विस्तृत न्यायिक आदेश के आधार पर ही अधिक जानकारी दी जा सकती है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल ने कहा है कि पुलिस की ओर से आगे भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। वर्ष 2015 में दर्ज इस मुकदमे में 12 अक्टूबर 2026 को आया फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया, अभियोजन और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि का निर्णय लिया जाता है। Greater Noida News :
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