स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाते इस पंडाल में ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, टेथर्ड सर्विलांस सिस्टम और नाइट विजन उपकरणों की विविधता देखने को मिली

यूपी ट्रेड शो में इस बार रक्षा क्षेत्र की एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसमें देश की कई अग्रणी रक्षा और ड्रोन निर्माता कंपनियों ने अपने अत्याधुनिक उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाते इस पंडाल में ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, टेथर्ड सर्विलांस सिस्टम और नाइट विजन उपकरणों की विविधता देखने को मिली, लेकिन सबसे ज्यादा दर्शकों को आकर्षित करने वाला उत्पाद रहा सौर ऊर्जा चालित अल्ट्रा लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी तेजस्वान।
यह फिक्स्ड विंग विमान सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से संचालित होता है और लगातार 12 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसकी रेंज 150 किलोमीटर है, जिसे जरूरत पड़ने पर 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। 12 मीटर के विंगस्पैन वाले इस ड्रोन का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 60 किलोग्राम से कम है और यह 5 किलोग्राम तक का पेलोड ढो सकता है। अधिकतम गति 25 मीटर प्रति सेकंड है और इसे उड़ान भरने के लिए महज 200 मीटर के रनवे की आवश्यकता होती है। तकनीकी रूप से यह ड्रोन जीपीएस स्पूफिंग रोधी नेविगेशन और मल्टी-बैंड रेडियो आधारित इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर हार्डनिंग से लैस है, जिससे यह जीपीएस-डिनाइड परिस्थितियों में भी सुरक्षित उड़ान भर सकता है। कंपनी के अनुसार यह ड्रोन सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों के लिए उपयोगी है। सीमा निगरानी, संचार, लक्ष्य निर्धारण, समुद्री निगरानी और खोज व बचाव अभियानों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। भविष्य में इसमें पनडुब्बी पहचान के लिए सोनार बॉय इंटीग्रेट करने की भी योजना है।
गहरी मार करने वाला है काल ड्रोन
आईजी डिफेंस के स्टॉल पर प्रदर्शित काल ड्रोन भी दर्शकों की जिज्ञासा का केंद्र बना रहा। लंबी दूरी की यह वन-वे अटैक ड्रोन प्रणाली 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है और 7 से 8 घंटे तक उड़ान में रह सकती है। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 200 किलोग्राम है और यह 50 किलोग्राम तक का हाई-एक्सप्लोसिव वारहेड ले जाने में सक्षम है। इसकी क्रूज गति 160 किमी/घंटा और अधिकतम गति 200 किमी/घंटा है। कंपनी के मुताबिक इसमें एडवांस्ड जीएनएसएस-आईएनएस गाइडेंस सिस्टम, एन्क्रिप्टेड आरएफ डेटालिंक और सैटकॉम रिले जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसे रॉकेट-असिस्टेड या वाहन आधारित टेक-ऑफ से लॉन्च किया जा सकता है। इसका उपयोग रडार स्थलों, वायु रक्षा बैटरियों और अवसंरचनाओं पर हमले के लिए किया जा सकता है।
8 घंटे तक हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकता है निम्बसस्कोप
बेंगलुरु स्थित न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज ने अपने टेथर्ड इलेक्ट्रिक यूएवी "निम्बसस्कोप" का प्रदर्शन किया। यह ड्रोन जमीन से जुड़ी तार (टेदर) के माध्यम से बिजली प्राप्त करता है, जिससे यह लगातार 8 घंटे तक हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकता है। टेदर मोड में इसकी अधिकतम ऊंचाई 110 मीटर एजीएल और फील्ड एलिवेशन 5,500 मीटर एएमएसएल तक है। जबकि बिना टेदर के यह 45 मिनट तक 10 किलोमीटर की रेंज में उड़ान भर सकता है। इसमें 256-बिट एईएस एन्क्रिप्शन, हाई-बैंडविड्थ वीडियो डाउनलिंक और सुरक्षित आरएफ लिंक की सुविधा है। यह सर्विलांस, टोही और आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए उपयुक्त है।
आईडीआर के स्वदेशी नैनो व माइक्रो ड्रोन की उड़ान क्षमता देखकर लोग दंग
आईआईटी रुड़की से समर्थन प्राप्त आईडीआर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने अपने चार उत्पाद प्रदर्शित किए। आईडीआर अभ्यास एमके-1 एक लंबी अवधि की माइक्रो एफपीवी ड्रोन है जो 40 मिनट तक की उड़ान क्षमता के साथ ऑपरेटरों के प्रशिक्षण के लिए बनाई गई है। आईडीआर दूत एमके-1 एक टैक्टिकल नैनो ड्रोन है, जो सैनिकों से आगे बढ़कर वास्तविक समय की खुफिया जानकारी देने में सक्षम है और नाटो-पंजीकृत उत्पाद भी है। वहीं आईडीआर चक्र एमके-1 और आईडीआर आचूक एमके-1 कामिकेज आत्मघाती हमले के लिए डिजाइन की गई ड्रोन प्रणालियां हैं। जिनमें से आचूक 1 किलोग्राम पेलोड के साथ लंबी दूरी के हमलों में सक्षम है। कंपनी 2021 में स्थापित हुई थी और अब तक भारतीय सशस्त्र बलों को 100 से अधिक यूएवी सिस्टम आपूर्ति कर चुकी है।
नाइट विजन हथियार दृष्टि भी प्रदर्शित
प्रदर्शनी में डब्ल्यूडब्ल्यू डिफसिस के स्टॉल पर एग्लो एआईआई 344 नाइट विजन वेपन साइट भी दिखाई गई। जिसे असॉल्ट राइफल, एलएमजी, इनसास, एके-47 और कार्बाइन जैसे हथियारों पर लगाया जा सकता है। इसमें प्रिसीजन विंडेज-एलिवेशन एडजस्टमेंट, ब्राइट सोर्स प्रोटेक्शन और रेंज एस्टिमेशन रेटिकल जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
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