सामाजिक संगठन लड़ेगा शारदा यूनिवर्सिटी की छात्रा की लड़ाई
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:17 AM
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी की छात्रा ज्योति को न्याय दिलाने के लिए सामाजिक संगठन सक्रिय होने लगे हैं। ग्रेटर नोएडा में सक्रिय छात्र संगठन भी ज्योति को न्याय दिलाने की लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने अपील की है कि प्रत्येक जागरूक नागरिक तथा सभी सामाजिक संगठनों को एकजुट होकर ज्योति को न्याय दिलाने की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भागीदारी जरूर करनी चाहिए।
ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में 18 जुलाई को गई ज्योति की जान
आपको बता दें कि, 18 जुलाई की रात में ग्रेटर नोएडा में बड़ी घटना घटी थी। ग्रेटर नोएडा में स्थापित शारदा यूनिवर्सिटी की बीडीएस की छात्रा ज्योति ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। ज्योति के कमरे से एक सुसाइट नोट बरामद हुआ है। सुसाइट नोट में ज्योति ने शारदा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों पर उत्पीड़न करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। ज्योति के पिता रमेश जांगडा ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है। FIR में शारदा यूनिवर्सिटी के मालिकों पर शक करते हुए डेंटल साइंस विभाग के डीन प्रो. डॉ. एम सिद्धार्थ, विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आशीष चौधरी, प्रो. डॉ. अनुराग, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोहिन्दर सिंह चौहान, सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरभी तथा सहायक प्रोफेसर डॉ. शैरी वशिष्ट को नामजद किया है। आरोप है कि शारदा यूनिवर्सिटी के मालिक पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
जय हो और नोएडा लिसिट सॉल्यूशन फ्री में लड़ेंगी बीडीएस की छात्रा का केस
इसी बीच जय हो एक सामाजिक संस्था और नोएडा लिसिट सॉल्यूशन नामक सामाजिक संगठनों ने मृतका ज्योति के परिजनों के प्रति शोक संवेदनाएं प्रकट करते हुए केस को फ्री में लड़ने की बात कही है। सूरजपुर स्थित सूरजपुर न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और जय हो संस्था के संस्थापक संयोजक कपिल शर्मा ने बताया कि शारदा विश्वविद्यालय में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। जय हो और नोएडा लिसिट सॉल्यूशन घटना को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि जल्द ही संस्था के अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रा ज्योति शर्मा के परिजनों से मुलाकात करेगा। अगर उसका परिवार संस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सहयोग चाहता है तो उन्हें दिया जाएगा। संस्था से जुड़े हुए वरिष्ठ अधिवक्ता फ्री में उनके केस को लड़ेंगे।