Srikant Tyagi Case : अभी जेल में ही रहेगा श्रीकांत त्यागी, मिली जमानत, अब सेशन कोर्ट का आसरा
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 01:59 AM
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RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 01:59 AM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-93बी स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी में महिला के साथ बदसलूकी करने के आरोपी श्रीकांत त्यागी को अभी कुछ दिन और जेल में ही बिताने होंगे। सूरजपुर स्थित अदालत में मंगलवार को जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे पहले 11 अगस्त को भी त्यागी की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। हालांकि इस मामले के दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दे दी।
गैं्रड ओमेक्स सोसायटी में रहने वाले श्रीकांत त्यागी ने एक महिला के साथ धक्का मुक्की और गाली गलौंज की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीति शुरू हो गई। दरअसल, श्रीकांत त्यागी का संबंध भाजपा से होने के कारण विपक्षी पार्टियों ने भी मोर्चा खोल दिया था। यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और डीजीपी को इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। उसके बाद पुलिस ने पांच दिनों से फरार चल रहे श्रीकांत त्यागी को मेरठ में उसके दोस्त के घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गौतमबुद्ध नगर की लुक्सर जेल में बंद श्रीकांत त्यागी की जमानत के लिए 11 अगस्त को सूरजपुर स्थित जिला अदालत में अर्जी लगाई गई थी। लेकिन, कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी और अगली सुनवाई के लिए 16 अगस्त का दिन तय कर दिया था। आज अपर सिविल जज नूपुर श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। श्रीकांत त्यागी के वकील और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील भाटी ने बताया कि अपर सिविल जज ने जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। जमानत के लिए अब वह सत्र न्यायालय में गुहार लगाएंगे। हालांकि इस मामले के दो अन्य आरोपियों नुकुल त्यागी और संजय को जमानत दे दी गई है।
श्रीकांत त्यागी के मामले में स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा ने सोसायटी के लोगों का समर्थन किया और यहां तक कहा कि उन्हें शर्म आती है कि श्रीकांत त्यागी का संबंध भाजपा से है। सांसद के इस बयान का कुछ लोगों ने समर्थन किया, लेकिन कुछ ने विरोध भी शुरू कर दिया। दरअसल, हंगामे की सूचना पर ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी पहुंचे डॉ. महेश शर्मा के मुंह से पुलिस कमिश्नर के लिए अपशब्द निकल गया। दूसरी ओर, त्यागी समाज के लोगों को यह लगने लगा कि श्रीकांत की आड़ में सांसद उनके समाज का अपमान कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने तो लिखित तौर पर डॉ. महेश के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर डाली। आखिर, डॉ. महेश शर्मा ने आम जनता के नाम एक खुला पत्र लिखकर पूरे मामले के पटाक्षेप की कोशिश की। इसमें वह काफी हद तक कामयाबी भी हुए।