ग्रेटर नोएडा में SSC परीक्षा को लेकर चल रही जांच ने अचानक ऐसा मोड़ लिया है, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। नॉलेज पार्क में सामने आए नकल कांड की जांच अब परीक्षा केंद्रों के चयन से जुड़ी कंपनी तक पहुंच चुकी है।

Greater Noida News : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित नकल और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में सामने आए SSC परीक्षा धांधली कांड की जांच अब उस कंपनी के डायरेक्टरों तक पहुंच गई है, जिसे परीक्षा केंद्रों के चयन, सिक्योरिटी ऑडिट और केंद्र संचालकों तथा स्टाफ के पुलिस वेरिफिकेशन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं। यूपी एसटीएफ ने ASSESS Infra Private Limited के दो डायरेक्टर गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों को 22 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद SSC परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 हो गई है। Greater Noida News
मामला ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित बालाजी डिजिटल जोन कंप्यूटर लैब से जुड़ा है। 22 मई 2026 को एसटीएफ ने यहां कार्रवाई करते हुए SSC परीक्षा में कथित तौर पर प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैकिंग के माध्यम से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस कार्रवाई में मुख्य आरोपी बताए गए प्रदीप चौहान, हैकर अमित राणा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये नकद, प्रॉक्सी सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद जब पूरे मामले की गहराई से जांच हुई तो जांच एजेंसियों का ध्यान केवल नकल कराने वाले गिरोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परीक्षा केंद्र के चयन और सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था तक पहुंच गया। Greater Noida News
एसटीएफ की जांच के मुताबिक, ASSESS Infra ने ही बालाजी डिजिटल जोन को SSC परीक्षा केंद्र के रूप में चिन्हित किया था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि इस केंद्र पर वर्ष 2025 से अब तक SSC की 16 परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी थीं। जांच में यह भी सामने आया कि इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए ASSESS Infra की ओर से बालाजी डिजिटल जोन को निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया गया था। एसटीएफ का आरोप है कि निर्धारित भुगतान न किए जाने के बदले परीक्षा केंद्र से जुड़े सुरक्षा नियमों में कथित रूप से अनदेखी की जाती थी। इसी कथित व्यवस्था का फायदा उठाकर परीक्षा केंद्र संचालक अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में अनुचित सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था करता था।
हालांकि इन आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होना है। Greater Noida News
जांच में सामने आया है कि SSC की परीक्षाओं के संचालन से संबंधित कार्य Eduquity के माध्यम से कराया जाता था और उत्तर भारत में परीक्षा केंद्रों की पहचान तथा चयन के साथ-साथ सिक्योरिटी ऑडिट और परीक्षा केंद्र संचालक व स्टाफ के पुलिस वेरिफिकेशन जैसे कार्य ASSESS Infra को सौंपे गए थे। यही कारण है कि बालाजी डिजिटल जोन में कथित नकल का मामला सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ते हुए परीक्षा केंद्र के चयन की पूरी प्रक्रिया तक पहुंचा। Greater Noida News
एसटीएफ की जांच में अप्रैल 2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में सामने आए कथित नकल प्रकरण का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, वहां भी प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल कराने का मामला सामने आया था। देहरादून में दर्ज मामले में प्रदीप चौहान का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। एसटीएफ का कहना है कि इस तथ्य की जानकारी सामने आने के बावजूद प्रदीप चौहान से जुड़ी ग्रेटर नोएडा स्थित दूसरी लैब बालाजी डिजिटल जोन को दोबारा परीक्षा केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया। इसी कड़ी को जांच में महत्वपूर्ण माना गया है। Greater Noida News
जांच में अभी तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्रों का नाम सामने आने की बात कही गई है। एसटीएफ इन केंद्रों और कथित परीक्षा धांधली नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच कर रही है। इससे यह मामला केवल ग्रेटर नोएडा के एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं रह गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा केंद्रों के चयन, सुरक्षा व्यवस्था और कथित सॉल्वर नेटवर्क के बीच किस स्तर पर संपर्क था।
मामले की शुरुआती जांच से संबंधित मीडिया रिपोर्टों में आरोप है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए लाखों रुपये लिए जाते थे और प्रॉक्सी सर्वर, स्क्रीन शेयरिंग तथा अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। कुछ रिपोर्टों में प्रति अभ्यर्थी करीब चार लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है। हालांकि, रकम और पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका से संबंधित अंतिम तथ्य जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होंगे। Greater Noida News
22 मई की कार्रवाई में सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब ASSESS Infra के दो डायरेक्टरों की गिरफ्तारी हुई है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में कुल 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मामला थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर में दर्ज है। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। Greater Noida News
इस पूरे प्रकरण में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ASSESS Infra द्वारा चुने गए दूसरे परीक्षा केंद्रों में भी इसी तरह की सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं थीं या नहीं। एसटीएफ के सामने अब उन दर्जनों संदिग्ध केंद्रों की जांच की चुनौती है, जिनका संबंध उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से सामने आया है। यदि जांच में अन्य केंद्रों पर भी समान पैटर्न के साक्ष्य मिलते हैं तो SSC की पूर्व आयोजित परीक्षाओं और संबंधित अभ्यर्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। ग्रेटर नोएडा से शुरू हुई यह जांच अब परीक्षा केंद्र चुनने वाली कंपनी, परीक्षा केंद्र संचालकों, तकनीकी नेटवर्क और कथित सॉल्वर गिरोह के बीच पूरे कनेक्शन की पड़ताल तक पहुंच चुकी है। Greater Noida News
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