ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। तेजी से फैलते इस शहरी इलाके में मेट्रो परियोजना की रफ्तार फिर थमती दिख रही है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो कनेक्टिविटी का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। तेजी से फैलते इस शहरी इलाके में मेट्रो परियोजना की रफ्तार फिर थमती दिख रही है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट को जल्द अंतिम मंजूरी दी जाए, ताकि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ सके और निर्माण कार्य शुरू हो। सांसद ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं और रोजाना नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली समेत दूसरे इलाकों के लिए आवाजाही करते हैं। लेकिन इतनी बड़ी आबादी के बावजूद इस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की मजबूत व्यवस्था अब तक नहीं बन पाई है। इसका सीधा असर यहां रहने वाले लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है।
उन्होंने सदन में यह भी कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पर्याप्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या लगातार गहराती जा रही है। निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता ने हालात और कठिन बना दिए हैं। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र के लिए मेट्रो अब सुविधा से ज्यादा जरूरत बन चुकी है। जानकारी के मुताबिक, जिन तीन मेट्रो परियोजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाने की तैयारी की गई थी, उनमें सेक्टर-142 से बोटैनिकल गार्डन, डिपो से बोडाकी और सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट रूट शामिल हैं। हालांकि इनमें से ग्रेटर नोएडा वेस्ट वाले रूट का टेंडर अब तक जारी नहीं हो पाया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि परियोजना को अभी केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की मांग काफी पुरानी है। वर्ष 2009 में जब दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन नोएडा सिटी सेंटर तक पहुंची थी, तभी यह उम्मीद बनी थी कि आगे चलकर मेट्रो का विस्तार इस इलाके तक भी होगा। इसके बाद सेक्टर-71 के रास्ते ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने की चर्चाएं भी सामने आईं। बाद में नोएडा मेट्रो विस्तार की योजनाओं में भी इस क्षेत्र का नाम आया, लेकिन बदलती प्राथमिकताओं और रूट प्लानिंग के कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट बार-बार पीछे छूटता गया। इसी बीच ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़े पैमाने पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित हुए, हजारों परिवार यहां आकर बसे और यह इलाका तेजी से एक बड़े रिहायशी हब में बदल गया। लेकिन जिस मेट्रो कनेक्टिविटी के भरोसे यहां विकास की तस्वीर दिखाई गई थी, वह अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी। यही कारण है कि यहां के निवासियों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) की एक्वा लाइन के विस्तार से जुड़ी तीन अहम परियोजनाओं पर एक साथ काम शुरू कराने की तैयारी की गई थी। इनमें ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी रेलवे स्टेशन (2.6 किलोमीटर),सेक्टर-142 से बोटैनिकल गार्डन (11.56 किलोमीटर) और सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (7.5 किलोमीटर) तक विस्तार शामिल है। प्राधिकरण स्तर पर अप्रैल में इन परियोजनाओं के शिलान्यास की रूपरेखा भी बनाई गई थी। इनमें से दो रूटों को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से अनुमति मिल चुकी है, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर अब भी मंजूरी का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट की डिटेल ड्राइंग और डिजाइन तैयार की जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी होगा और निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा। फिलहाल, मंजूरी की यह देरी पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो संचालन बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, इस रूट पर मेट्रो शुरू होने से यातायात का दबाव कम होगा, लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलेगा और पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र के शहरी विकास को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो समेत बाकी लंबित रूटों को भी जल्द मंजूरी दी जाएगी। Greater Noida News