नए ग्रेटर नोएडा का खाका किया जा रहा तैयार, खूबसूरती देख लोग दूर से ही कहेंगे 'वाह'
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:03 AM
Greater Noida News : दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और प्रदूषण के मद्देनजर, ग्रेटर नोएडा फेज-2 को एक आधुनिक, हरित और हाईटेक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) इस शहर को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से समृद्ध बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बना रहा है। इस शहर का 16 फीसदी यानी 7,908.60 हेक्टेयर क्षेत्र ग्रीन एरिया के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि 1,073.96 हेक्टेयर क्षेत्र को फॉरेस्ट एरिया के रूप में तब्दील किया जाएगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर दिया जा रहा जोर
हालांकि ग्रेटर नोएडा एक विकसित शहर है लेकिन पहले यह आबादी के लिहाज से लोगों की प्राथमिकता में नहीं था। इसका मुख्य कारण सार्वजनिक परिवहन की कमी को माना जाता है। इसलिए, ग्रेटर नोएडा फेज-2 के विकास में सबसे ज्यादा ध्यान पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर दिया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के निकटता का लाभ उठाते हुए, शहर को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस विकास के तहत, ग्रेटर नोएडा फेज-2 में दादरी में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की योजना है। इसके अलावा, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख सड़कों जैसे नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से इस नए शहर को जोड़ा जाएगा।
भव्य प्रवेश प्लाजा विकसित करने की योजना
ग्रेटर नोएडा फेज-2 में ऊपरी गंगा नहर के किनारे उच्च स्तरीय कार्यालय, रेस्तरां, होटल, वित्तीय संस्थान और व्यावसायिक सुइट्स विकसित किए जाएंगे। साथ ही, नहर के किनारे चौड़े सैरगाह पथों, ओपन एयर थियेटर (OAT), सार्वजनिक उद्यानों, फव्वारों, फूड प्लाजा, शौचालय और पार्किंग सुविधाओं के साथ भव्य प्रवेश प्लाजा विकसित करने की योजना है।
नए ग्रेटर नोएडा की कार्ययोजना प्रमुख बिंदुओं में यहां जानें।
- 16 फीसदी क्षेत्र (7,908.60 हेक्टेयर) ग्रीन जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
- 1,073.96 हेक्टेयर भूमि को फॉरेस्ट एरिया में बदला जाएगा।
- 1,422.20 हेक्टेयर में शैक्षणिक ग्रीन एरिया तैयार किया जाएगा।
- हर ब्लॉक में कम से कम 2 बड़े पार्क अनिवार्य रूप से बनाए जाएंगे।
- सोलर पैनल आधारित स्ट्रीट लाइट्स और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे।
मेट्रो नेटवर्क का किया जाएगा विस्तार
ग्रेटर नोएडा फेज-2 के विकास से पहले, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना है। साथ ही, नोएडा मेट्रो के विस्तार के जरिए इस क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। बोड़ाकी मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के निर्माण से रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी को भी बेहतर किया जाएगा। इसके अलावा, शहर को नोएडा, यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़कर दिल्ली, लखनऊ और आगरा जैसे प्रमुख शहरों से भी कनेक्ट किया जाएगा।
तैयार किया जा रहा ग्रेटर नोएडा का खाका
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि ने बताया कि, "हम तेजी से बढ़ती आबादी और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए नए ग्रेटर नोएडा का खाका तैयार कर रहे हैं। नोएडा एयरपोर्ट के साथ-साथ रेल और सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जाएगा। हमारा उद्देश्य नए ग्रेटर नोएडा को एक हाई-टेक और समृद्ध शहर के रूप में विकसित करना है।" Greater Noida News