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सब जानते हैं कि भारतीय आम को दुनिया भर में पसंद किया जाता है। भारत के उत्तर प्रदेश के किसान बड़े पैमाने पर आम की खेती करते हैं। जेवर एयरपोर्ट के द्वारा आम के जूस को दुनिया भर के आम के शौकीन लोगों तक पहुंचाने की योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाई है। ग्रेटर नोएडा के पास स्थापित हो रहे जेवर एयरपोर्ट के परिसर में एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर जल्दी से जल्दी निर्यात करने की बड़ी योजना को उत्तर प्रदेश सरकार ने आगे बढ़ाया है। जेवर एयरपोर्ट के जरिए आम के जूस का निर्यात करने से उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट के परिसर से आम के जूस के निर्यात को लेकर सरकार ने एक कदम आगे बढ़ा दिया है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) परिसर में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना कराने की बड़ी पहल की है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने यूनिट की स्थापना के लिए कंपनी गठन का प्रारूप तय करने के लिए समिति गठित की है। यह समिति 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। समिति में जेवर एयरपोर्ट लि. वर्ल्ड बैंक, भारत बायोटेक के अधिकारी शामिल हैं। वर्ल्ड बैंक भारत के राज्यों में फूड पार्क की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक राज्यों को 350 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद की जा रही है। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना के लिए भारत बायोटेक की सहयोगी कंपनी इनोवा एग्रो ने रुचि दिखाई है।
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने हाल ही में जेवर एयरपोर्ट के निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना के लिए विचार विमर्श किया। इस बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के अलावा वर्ल्ड बैंक, भारत बायोटेक, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. व एआइसेट के अधिकारी शामिल हुए। एआइसेट्स एयरपोर्ट परिसर में 87 एकड़ में मल्टी माडल लाजिस्टिक हब विकसित कर रही है। इसमें वेयर हाउस के अलावा कोल्ड चेन भी होगी।
प्रस्तावित योजना के तहत समिति तय करेगी कि खाद्य प्रसंस्करण यूनिट के लिए संयुक्त उद्यम, एसपीवी कंपनी या हाइब्रिड माडल में कौन सा विकल्प अच्छा होगा। प्रसंस्करण यूनिट में आम व अमरूद का जूस निकालने और पैकेजिंग आदि की सुविधा होगी। इसके अलावा फलों के उत्पाद तैयार होंगे। फलों की सफाई में गामा रेडिएशन का उपयोग होता है। एयरपोर्ट परिसर में इसकी अनुमति नहीं है, इसलिए फलों की सफाई आदि के लिए अलग यूनिट लगाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर फल का उत्पादन होता है। आमतौर पर फलों की खपत भारतीय बाजार में ही होती है। इसलिए उत्पादकों को फलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। जेवर एयरपोर्ट पर प्रसंस्करण यूनिट स्थापित होने से प्रदेश में उत्पादित होने वाले आम और अमरूद का जूस व अन्य उत्पाद विदेश को निर्यात होंगे। इससे किसानों को फलों का उचित मूल्य मिल सकेगा। उनकी आमदनी बढ़ेगी।
यमुना प्राधिकरण ने एयरपोर्ट परिसर के बाहर प्रसंस्करण यूनिट के लिए सेक्टर 22 ई में जमीन देने की पेशकश की है। सेक्टर में प्राधिकरण के पास 50 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यदि एयरपोर्ट परिसर में यूनिट स्थापना को लेकर अड़चन आती है तो यमुना प्राधिकरण जमीन उपलब्ध कराएगा। मास्टर प्लान 2041 में यह जमीन सेक्टर में शामिल हो चुकी है। Greater Noida :