ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र स्थित तिलपता गांव में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब आंदोलन में बदल गया है। जलभराव, गंदगी, जर्जर सड़क, खराब जल निकासी और कंटेनर डिपो के सामने लगातार लगने वाले जाम से परेशान ग्रामीणों ने अब बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र स्थित तिलपता गांव में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदलता दिखाई दे रहा है। गांव में जलभराव, गंदगी, जर्जर सड़क और कंटेनर डिपो के सामने लगने वाले भीषण जाम से परेशान ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन मंच के नेतृत्व में ग्रामीण 20 सितंबर 2026 से कंटेनर डिपो के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की तैयारी में हैं। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने दादरी के उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी है। Greater Noida News
ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि तिलपता की समस्याएं अचानक पैदा नहीं हुई हैं। करीब पांच वर्षों से ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन तथा शिकायतों के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराते आ रहे हैं। इसके बावजूद जल निकासी, सड़क और यातायात से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनिंदर भाटी के अनुसार तिलपता में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है और जर्जर सड़क के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। Greater Noida News
तिलपता क्षेत्र में कंटेनर डिपो के सामने वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की समस्या भी गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और वाहन गुजरते हैं, लेकिन यातायात दबाव के अनुरूप व्यवस्था नहीं होने के कारण लगातार परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जलभराव और गड्ढों के साथ-साथ जाम की समस्या ने रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल कर दिया है। Greater Noida News
तिलपता के DSC रोड पर जलभराव को लेकर हाल में अधिवक्ताओं की ओर से भी आंदोलन की तैयारी की घोषणा की गई थी। 12 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार अधिवक्ताओं ने दावा किया कि तिलपता में मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या पिछले छह से सात वर्षों से बनी हुई है। उनका कहना था कि सड़क और नाली निर्माण के लिए निविदा जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। अधिवक्ताओं ने इस मुद्दे पर पानी में खड़े होकर प्रदर्शन करने की बात भी कही थी और गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की थी। इससे संकेत मिलता है कि तिलपता में जलभराव का मुद्दा अब केवल ग्रामीणों की स्थानीय शिकायत नहीं रह गया है, बल्कि अलग-अलग समूहों द्वारा इसे सार्वजनिक आंदोलन का मुद्दा बनाया जा रहा है। Greater Noida News
तिलपता में सड़क और नाली निर्माण का मुद्दा भी आंदोलन के केंद्र में है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी जमा रहने से जहां पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है, वहीं खराब सड़क दुर्घटना के खतरे को भी बढ़ाती है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान केवल पानी निकालने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जल निकासी की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे भविष्य में सड़क पर पानी जमा न हो। Greater Noida News
तिलपता में नाली निर्माण का मुद्दा इस वर्ष पहले भी विवाद का कारण बन चुका है। अप्रैल 2026 में नाली निर्माण के लिए पहुंचे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार खुदाई के दौरान एक दीवार का हिस्सा गिरने के बाद विवाद बढ़ गया और प्राधिकरण के सुपरवाइजर समेत कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। यह घटना बताती है कि तिलपता में विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर तनाव पहले भी सामने आता रहा है। Greater Noida News
अब भारतीय किसान यूनियन मंच ने 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रखा जाएगा। आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में तिलपता में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, जर्जर सड़क की मरम्मत, गांव में गंदगी की समस्या का समाधान, कंटेनर डिपो के सामने जाम से निजात, यातायात व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। Greater Noida News
तिलपता में आंदोलन की तस्वीर इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि एक ओर भारतीय किसान यूनियन मंच ने 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं ने भी जलभराव सहित स्थानीय मुद्दों पर बड़े आंदोलन की तैयारी की है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और क्या 20 सितंबर से प्रस्तावित धरने से पहले समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती है। Greater Noida News
ग्रामीणों की शिकायतों का मूल सवाल यही है कि यदि वर्षों से जलभराव, सड़क, नाली और जाम जैसी समस्याएं बनी हुई हैं तो उनका स्थायी समाधान कब होगा ? अब 20 सितंबर से प्रस्तावित धरना इस सवाल को प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सामने और मजबूती से रखने जा रहा है। Greater Noida News
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