
Tusyana land scam: ग्रेटर नोएडा। करोड़ों रुपये के तुस्याना भूमि घोटाले को अंजाम देने वाले शातिर भू माफिया कैलाश भाटी को अभी कम से कम करीब एक सप्ताह का समय तो जेल में ही बिताना पड़ेगा और सर्द रातें जेल में ही गुजारनी होगी। क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कैलाश भाटी की जमानत याचिका पर सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाल दी है। इस मामले में अब अगली सुनवाई की तारीख 13 दिसंबर 2022 तय की गई है। यह तारीख़ भी सम्भावित की श्रेणी में है।
आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता के के राव और सर्वजीत सिंह चौहान एडवोकेट कर रहे हैं तो कैलाश भाटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ईश्वर चंद त्यागी और रितु कुमार गुप्ता उनकी जमानत कराने के प्रयास में लगे हैं। मंगलवार को करोड़ों रुपये के तुस्याना भूमि घोटाले में जेल में बन्द कैलाश भाटी की ज़मानत की तारीख थी। लेकिन हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख तय कर दी । इसलिए अब अगली सुनवाई 13 दिसंबर को हो सकती है 13 दिसंबर की तारीख़ भी सम्भावित श्रेणी में रखी गई है यानी उस दिन सुनवाई हो भी सकती है और नहीं भी तब तक कैलाश भाटी को जेल में ठंडभरी रात गुजारनी होगी ।
कानूनविदो का मानना है कि इस मामले में एसआईटी ने जो सबूत कोर्ट में पेश किए हैं, उन्हें देखकर नहीं लगता कि कैलाश भाटी को हाईकोर्ट से आसानी से जमानत मिल पाएगी। ज्ञात रहे कि उप्र के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में मौजूद गांव तुस्याना में हजारों करोड़ का भूमि घोटाला हुआ है। इस घोटाले का पर्दाफाश उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में गठित की गई एसआईटी ने किया है। एसआईटी की पहल पर इस घोटाले के मुख्य घोटाले बाज कैलाश भाटी को 16 नवंबर को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। उसके साथ उसके दो गुर्गे दीपक भाटी व कमल भी जेल भेजे गए थे।
अधिकतर कानूनविद मानकर चल रहे हैं कि इस मामले में बेहद पुख्ता सबूत घोटालेबाजों के खिलाफ है। इस कारण हाईकोर्ट से भी जमानत होना लगभग असंभव है। कानूनविदों का साफ मत है कि इस प्रकरण में एसआईटी ने बेहद पुख्ता सबूत जुटाकर ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की है इस कारण घोटालेबाजों को न केवल लम्बे समय तक जेल में रहना पड़ेगा बल्कि लम्बी सजा भी हो सकती है। जानकार सूत्रों का यह भी दावा है कि इस मामले में लिप्त दूसरे अनेक घोटालेबाज़ व भूमाफिया भी जल्दी ही सलाखों के पीछे होंगे।
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