मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में शासन ने इस प्रस्ताव पर तुरंत कार्रवाई करते हुए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 तथा सेक्टर-18 में दो नए पुलिस फायर स्टेशनों के लिए आवश्यक भूमि उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग को हस्तांतरित कर दी है।

ग्रेटर नोएडा के पास विकसित हो रहे जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन ने जेवर एयरपोर्ट के नजदीक दो नए फायर स्टेशनों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इससे ग्रेटर नोएडा–जेवर बेल्ट में आगजनी और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए दो नए पुलिस फायर स्टेशन स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में शासन ने इस प्रस्ताव पर तुरंत कार्रवाई करते हुए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 तथा सेक्टर-18 में दो नए पुलिस फायर स्टेशनों के लिए आवश्यक भूमि उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग को हस्तांतरित कर दी है।
जेवर और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इन दोनों पुलिस फायर स्टेशनों के निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग (PWD) उत्तर प्रदेश को सौंपा गया है। सिर्फ इमारत ही नहीं, बल्कि इन फायर स्टेशनों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति (मैनपावर) की स्वीकृति भी शासन द्वारा प्रदान कर दी गई है। इससे ग्रेटर नोएडा और जेवर के बीच स्थित यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आधुनिक और सक्षम अग्निशमन तंत्र उपलब्ध हो सकेगा।
जेवर एयरपोर्ट के नजदीक बनने वाले ये पुलिस फायर स्टेशन आपातकालीन हालात में सचमुच ‘गेमचेंजर’ की भूमिका निभा सकते हैं। इनकी शुरुआत के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट), उससे सटे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र और ग्रेटर नोएडा से जुड़े पूरे कॉरिडोर में आगजनी, सड़क हादसे, इंडस्ट्रियल एरिया की दुर्घटनाएं या किसी भी तरह की आपदा होने पर तुरंत रेस्क्यू टीम हरकत में आ सकेगी। मौके पर तेज़ी से पहुंचने वाली फायर ब्रिगेड और बचाव दल न सिर्फ जान–माल के नुकसान को कम करेंगे, बल्कि जेवर–ग्रेटर नोएडा रीजन को सुरक्षित और भरोसेमंद डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
दोनों पुलिस फायर स्टेशनों के निर्माण और संचालन के बाद जेवर एयरपोर्ट से लेकर ग्रेटर नोएडा तक पूरा इलाका एक तरह से हाई–सिक्योरिटी सेफ्टी ज़ोन में बदल जाएगा। आग लगने या किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की टीम पहले से कहीं ज्यादा तेज़ी से मौके पर पहुंचेगी, राहत और बचाव कार्यों में देरी नहीं होगी और हर मिनट का सही इस्तेमाल हो सकेगा। इससे न सिर्फ फायर सेफ्टी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि जेवर एयरपोर्ट और ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन क्षमता भी नए स्तर पर अपग्रेड हो जाएगी। यही वजह है कि इस फैसले को पूरे ग्रेटर नोएडा–यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच माना जा रहा है।