
ग्रेटर नोएडा लाइव। ग्रेटर नोएडा शहर में रहने वाले लोगों को इन दिनों एक खास समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा जिस पानी को गंगा जल कहकर घरों में सप्लाई किया जा रहा है, वह इतना दुषित है कि पीना तो क्या उसे बर्तन साफ करने और कपड़े धाने में भी प्रयोग नहीं किया जा सकता है। ग्रेटर नोएडा की आवासीय परिसरों में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 नवंबर 2022 को 85 क्यूसेक 1600 करोड़ रुपये में तैयार जैतपुर गंगा जल परियोजना का उद्घाटन किया था। उस दौरान जैतपुर स्थित मास्टर रिजर्व वायर से तीन रिजर्व वायर तक गंगाजल पहुंचा था। कुछ ही सेक्टरों में पानी की आपूर्ति की गई थी, लेकिन बाद में पूरे ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में आपूर्ति की जानी थी।
प्राधिकरण ने बाद में 39 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति शुरू की। इस बीच औद्योगिक मंत्री और औद्योगिक प्रमुख सचिव व प्राधिकरण के चेयरमैन ने भी गंगाजल आम लोगों तक पहुंचने के लिए निर्देश दिए थे। ग्रेनो निवासी आलोक सिंह का कहना है कि लोगों का कहना है कि पाइपलाइन में जिस गुणवत्ता की पाइप लगाई जानी थी, नहीं लगाई गई। इसके कारण पानी का प्रेशर पाइप नहीं झेल पाता है। इससे लीकेज की समस्या आ रही है। अब आईआईटी टीम दिल्ली की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही कोई रास्ता निकला जा सकेगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की देविका गोल्ड होम्स और निराला ग्रीनशायर सोसायटी के निवासी त्योहार के समय जगह-जगह गंदगी से परेशान हैं। देविका गोल्ड होम्स सोसाइटी में सफाई कर्मी हड़ताल पर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। वहीं निराला ग्रीनशायर में कूड़ा निस्तारण केंद्र सही जगह न बनाने से परेशानी है।
देविका गोल्ड होम्स के निवासियों ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण सफाई कर्मचारी पिछले दस दिन से सोसाइटी में कूड़ा नहीं उठा रहे। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी बिल्डर सुनने को तैयार नहीं है। निवासियों ने बिल्डर और मेंटेनेंस कार्यालय में भी कूड़ा डाला पर उन पर कुछ असर नहीं हुआ। अब नवरात्र शुरु हो रहे हैं। ऐसे में गंदगी के बीच धार्मिक आयोजन करना मुश्किल हो रहा है।
निवासियों ने तत्काल समस्या का समाधान कराने की मांग की है। वहीं निराला ग्रीनशायर सोसाइटी में निवासियों ने बताया कि पहले बिल्डर टावर जी-7 के नीचे कूड़ा डालता था। तब उस टावर के निवासी परेशान थे। उनके विरोध के बाद बिल्डर ने जी-8 के नीचे कूड़ा डालना शुरू कर दिया। अब यहां बदबू फैल रही है। सोशल मीडिया पर मुद्दा उठाकर प्राधिकरण और सरकार से बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।