मिट्टी के दीयों से रोशन हो रही कारीगरों की जिंदगी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से मिली नई पहचान

गौतमबुद्ध नगर के जेवर निवासी फारूक को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत इलेक्ट्रिक चाक मिला। इससे मिट्टी के दीये और बर्तन बनाने का काम आसान हुआ और उत्पादन क्षमता बढ़ी।

Traditional Pottery Business

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत इलेक्ट्रिक चाक की मदद से मिट्टी के दीये और बर्तन तैयार करते जेवर निवासी कारीगर फारूक।

locationग्रेटर नोएडा
userDinesh Gupta
calendar06 Nov 2026 08:53 AM
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