भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों से वार्ता के बाद 23 अक्टूबर की महापंचायत एक महीने के लिए स्थगित की। 10% भूखंड, बैकलीज, 64.7% अतिरिक्त मुआवजे और रोजगार पर चर्चा हुई।

Greater Noida : भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद 23 अक्टूबर को प्रस्तावित महापंचायत को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। किसानों की 10 प्रतिशत आबादी के भूखंड, आबादी की जमीन की बैकलीज, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे और रोजगार सहित विभिन्न मांगों पर अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। संगठन का कहना है कि अधिकारियों ने एक महीने के भीतर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है। Greater Noida :
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की बैठक यमुना प्राधिकरण में आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के एसीईओ राजेश कुमार सिंह, एसीईओ नितिन मदान, ओएसडी शैलेंद्र सिंह, ग्रेटर नोएडा के डीसीपी एसके सिंह, एडीएम प्रशासन, ओएसडी अजय कुमार शर्मा, गोपाल कृष्ण, एसडीएम, जीएम प्रोजेक्ट राजेंद्र भाटी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता प्रताप नागर ने की। बैठक में किसानों की लंबित समस्याओं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन ने अधिकारियों के सामने किसानों की मांगों को रखते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।
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संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने बताया कि बैठक में किसानों को मिलने वाले 10 प्रतिशत आबादी भूखंड, आबादी की जमीन की बैकलीज, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण स्तर पर ही नहीं, बल्कि शासन स्तर पर भी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। बैकलीज से संबंधित मामलों को अगली बोर्ड बैठक में रखने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा इंटरचेंज सहित करीब एक दर्जन गांवों के किसानों के भूखंडों का ड्रॉ जल्द कराने की बात भी कही गई।
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र नागर ने किसानों की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए इसे गलत बताया। उन्होंने गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा करने की मांग की। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए और लंबित मांगों को अनिश्चितकाल तक नहीं टाला जाना चाहिए। Greater Noida :
भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा कि अधिकारियों के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही है। अधिकारियों की ओर से मिले ठोस आश्वासन को देखते हुए 23 अक्टूबर को प्रस्तावित महापंचायत को एक महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को समय दे रहा है। यदि तय समय में समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन (कृषक) दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
बैठक में प्रताप नागर, ऋषिपाल, हरेंद्र नागर, जीतू गुर्जर, विजय भाटी, एडवोकेट कपिल कसाना, अनिल नागर, सोविंदर चेची, राहुल, यासीन, सौरभ भाटी, विनोद भाटी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। Greater Noida :
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