
Yamuna City News / ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कई बड़े फैसले लिये हैं। इन फैसलों के तहत टप्पल बाजना अर्बन सेंटर की महायोजना के लिए टप्पल की 1720 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का फैसला भी शामिल है।
आपको बता दें कि यमुना प्राधिकरण के बोर्ड की 77वीं बैठक सम्पन्न हुई है। प्राधिकरण के चेयरमैन नरेन्द्र भूषण की अध्यक्षता में हुई बैठक में 1 दर्जन से अधिक प्रस्ताव पास किये गये हैं। इन प्रस्तावों में सबसे अहम प्रस्ताव यह है कि अलीगढ़ जिले की टप्पल गांव की 1720 एकड़ जमीन अधिग्रहित करके यमुना सिटी में मिलाई जाएगी।
बोर्ड की बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि क्षेत्र के किसान पूरे क्षेत्र में एक समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श करके बोर्ड ने पूरे क्षेत्र का मुआवजा एक समान करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए पास कर दिया। संभावना जताई जा रही है कि शासन से जल्द ही हरी झंडी मिलने के बाद पूरे यमुना सिटी में किसानों का मुआवजा एक समान हो जाएगा। मुआवजे की यह राशि 3100 रू0 प्रति वर्ग मीटर के साथ-साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड व वार्षिक वृद्धि के रूप में होगी।
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा ग्राम रूस्तमपुर, पचोकरा तथा मोहम्मद गुर्जर, अच्छेजा बुजुर्ग, औरंगपुर, अच्छेजापुर, भटटा, अटटा गुजरान, डूंगरपुर, रीलका, खेरली भाव, धनौरी, मंजूखेड़ा, गुनपुरा, फतेहपुर अटटा, दकनौर, जगनपुर अफजलपुर, मिर्जापुर में सुनियोजित विकास के लिए अधिग्रहित भूमि के सापेक्ष प्रस्तुत आबादी संबंधी आपत्तियों के निस्तारण को लिए ग्रामीण आबादी स्थल में लीजबैक की कार्रवाई की गई थी। 17 गांवों में लीजबैक के कुल 205 प्रकरणों को बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्रस्तुत प्रस्ताव का पुन: परीक्षण कर आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को नीचे पढ़ें-
प्राधिकरण द्वारा पिछली बोर्ड बैठक दिनांक 20.2.2023 में नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से लगे औद्योगिक सेक्टरों यथा सैक्टर-21,28,29,32,33,10 एवं 09 तथा नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के नार्थ, ईस्ट तथा वेस्ट साईट से पेरीफेरल रोड के निर्माण क्षेत्र तथा भविश्य में अतिक्रमण की सम्भावनाओं के दृश्टिगत रोड सहित 500 मीटर की चौडाई में भूमि क्रय की दर 3100.00 रुपये प्रति वर्गमीटर; एक्सग्रेसिया, वार्शिकी एवं 07 प्रतिशत आबादी भूखण्ड की राषि सहित अथवा 2728.00 रुपये प्रति वर्गमीटर; एक्सग्रेसिया, वार्षिकी सहित व 07 प्रतिशत आबादी भूखण्ड दिये जाने के क्रय प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया था। अब क्षेत्र के किसानों द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में एक समान भूमि क्रय दर की मांग की जा रही है तथा कम दरों पर भूमि देने से इन्कार किया जा रहा है जिसके कारण प्राधिकरण को उक्त के अतिरिक्त अन्य सेक्टरों यथा सैक्टर 17, 17ए, 18, 20, 22ई, 22डी, 24 आदि में अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं यथा संस्थागत आवासीय वाणिज्यिक औद्योगिक आदि हेतु भूमि क्रय करने में कठिनाईयां उत्पन्न हो रही हैं। प्राधिकरण बोर्ड द्वारा इस सम्बन्ध में सुसंगत प्रस्ताव शासन को संदर्भित करने का निर्देश दिया गया। शासन से अनुमोदन/अनापत्ति के पश्चात इस पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
64.07 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर - इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रिट बंच याचिका संख्या 26767/2010 कमल शर्मा व अन्य बनाम उ.प्र. राज्य व अन्य में पारित आदेश दिनांक 26.05.2023 के द्वारा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के ग्राम उस्मानपुर, धनौरी, कादरपुर, रूस्तमपुर, डूंगरपुर रीलखा, रामपुर बांगर, पचोकरा व अच्छेजा बुजुर्ग में योजित 80 प्रतिशत से अधिक रिट याचिकायें निरस्त कर दी गई हैं। उपरोक्त ग्रामों में 80 प्रतिशत से अधिक रिट याचिकायें वापिस होने के कारण शासनादेश संख्या 2022/77-3-15-06सी/12 दिनांक 04.11.2015 में दी गई व्यवस्था के अनुरूप अतिरिक्त प्रतिकर/No Litigation Incentative वितरित किये जाने की कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है।
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा ग्राम फलेंदा बांगर में पूर्व से संचालित गौशाला परिसर में निराश्रित/बेसहारा गौवंश की संख्या में अप्रत्याक्षित वृद्धि के दृष्टिगत परिसर में अतिरिक्त 06 शैड, 02 नग भूसा स्टोर, 01 खल-चोकर स्टोर तथा पहुंच मार्ग का प्राविधान किये जाने का निर्णय लिया गया है जिस पर 720 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है। उल्लेखनीय है कि गौशाला में रक्षित गौवंश की संख्या 300 के सापेक्ष 575 होने की वजह से यह व्यवस्था की जा रही है।
प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विभिन्न आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत आदि सेक्टरों में निर्माण एवं विकास कार्य तथा राज्य सरकार की अतिमहत्वपूर्व परियोजना जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस विभाग को प्राधिकरण द्वारा 03 इनेावा तथा 03 बुलेरो वाहन उपलब्ध कराये गये हैं।
प्राधिकरण द्वारा एक मुश्त समाधान पॉलिसी योजना(One Time Settlement Policy 2023/04) पुनः लाये जाने के सम्बन्ध में -प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में डिफाल्टर की संख्या एवं डिफाल्ट धनराषि को कम करने के लिए प्राधिकरण द्वारा आवंटियों की मांग पर चौथी बार पुनः ओ.टी.एस योजना लायी गयी है। प्राधिकरण में वर्तमान में समस्त योजनाओं में अभी भी लगभग 9812 डिफाल्ट आवंटी अवशेष है जिन पर लगभग 4439 करोड से अधिक की डिफाल्ट धनराशि है। उक्त की प्राप्ति हेतु प्राधिकरण द्वारा पुनः ओ.टी.एस योजना 01 माह हेतु 01.08.2023 से लायी जाएगी। इस बार डिफाल्ट धनराशि तथा भविष्य की देय किस्तों के मूल प्रीमियम को मिलाकर dues बनाया जाएगा। डिफाल्ट में से केवल penal interest माफ किया जाएगा। इस प्रकार जो ओ.टी.एस धनराशि बनेगी वह यदि पचास लाख तक की सीमा के अन्तर्गत है तो मांग-पत्र डिस्पैच होने की तिथि से 60 दिन के अन्दर सम्पूर्ण धनराशि जमा की जाएगी। गणना के उपरान्त यदि देय धनराषि रूपये पचास लाख से अधिक है, तो मांग-पत्र डिस्पैच होने की तिथि से 90 दिन के अन्दर सम्पूर्ण धनराषि जमा करनी होगी। Yamuna City News