यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने नौ यात्रियों की जान ले ली, लेकिन हादसे के बाद सामने आए बस के रिकॉर्ड ने इस पूरी घटना को और गंभीर सवालों के घेरे में ला दिया है। आखिर जिस बस में सफर कर रहे नौ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, वह किन परिस्थितियों में सड़क पर दौड़ रही थी ?

Greater Noida News : यमुना एक्सप्रेसवे पर 9 लोगों की दर्दनाक मौत हमारे देश के सिस्टम पर करारा तमाचा है। देश का प्रशासनिक तंत्र भ्रष्टाचार की दीमक से पूरी तरह खोखला हो चुका है। यमुना एक्सप्रेसवे पर जिस बस में आग लगी, उसके मालिक का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस फर्जीवाड़े ने हमारे देश के पूरे सिस्टम को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिस बस में नौ लोगों की जान चली गई, उसके खिलाफ पहले से ही नियमों के उल्लंघन से जुड़े कई चालान दर्ज बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बस पर करीब 1.75 लाख रुपये के 19 चालान लंबित थे। इनमें कम उम्र के चालक से बस चलवाने समेत परमिट और वाहन से जुड़े अन्य नियमों के उल्लंघन के मामले भी शामिल हैं। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर BR32PA8647 है। जानकारी के अनुसार इसका पंजीकरण बिहार के मधुबनी आरटीओ में हुआ था और यह राज कल्पना ट्रैवल्स से जुड़ी थी। बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा के बीच चल रही थी, जबकि इसका आखिरी सफर उत्तर प्रदेश के जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसे के साथ खत्म हुआ। Greater Noida News
बस के रिकॉर्ड को जोड़ने पर मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश का कनेक्शन सामने आया है। हालांकि अलग-अलग राज्यों से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति और उनकी वैधता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक यात्री बस के संचालन और दस्तावेजों की निगरानी किस स्तर पर होती रही? यदि सभी जरूरी प्रमाणपत्र वैध थे तो उनकी जांच किस प्रक्रिया के तहत हुई और यदि कोई कमी थी तो उसे समय रहते दूर क्यों नहीं कराया गया? हादसे के बाद बस के पुराने रिकॉर्ड को लेकर सामने आई जानकारी ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है। जानकारी के मुताबिक बस पर करीब 1.75 लाख रुपये के 19 चालान दर्ज बताए जा रहे हैं। इनमें कम उम्र के चालक से बस चलवाने, फ्यूल चेंज, रेट्रोफिटिंग और परमिट से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामले शामिल बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार जनवरी 2026 में कम उम्र के चालक से बस चलवाने से संबंधित चालान हुआ था। इसके अलावा जून 2025 में फ्यूल चेंज और रेट्रोफिटिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन का भी चालान बताया गया है। परमिट से जुड़े उल्लंघनों को लेकर भी कार्रवाई का रिकॉर्ड सामने आया है। Greater Noida News
हादसे को लेकर दर्ज एफआईआर में यात्रियों की ओर से चालक और परिचालक को बस में जलने की गंध और धुएं के बारे में बताए जाने का आरोप सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, यात्रियों ने बस रोकने के लिए भी कहा था, लेकिन आरोप है कि तत्काल बस नहीं रोकी गई। बाद में चालक की सीट के पास से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते बस धुएं से भर गई। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार होने की बात सामने आई है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बस के अंदर नौ लोग मृत मिले। हादसे के बाद पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लिया है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Greater Noida News
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