यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड की FIR में बड़ा खुलासा हुआ है। यात्रियों ने पहले ही जलने की बदबू की सूचना दी थी। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई।

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात स्लीपर बस में लगी भीषण आग के मामले में अब नोएडा पुलिस की FIR से हादसे की भयावह तस्वीर सामने आई है। थाना जेवर में 24 सितंबर 2026 की सुबह 7:11 बजे FIR संख्या 0319 दर्ज की गई है। पुलिस की FIR में बस के चालक और परिचालक को अज्ञात आरोपी बनाया गया है। हादसे में 9 यात्रियों की मौत होने की बात FIR में दर्ज है।
FIR दर्ज कराने वाले यात्री सुनील कुमार, निवासी राठ, हमीरपुर ने पुलिस को बताया कि वह 23 सितंबर की रात करीब 9 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रेवल्स की बस संख्या BR32PA8647 से आगरा जाने के लिए सवार हुआ था। उसके अनुसार बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। रात करीब 11:30 बजे बस यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग पर किलोमीटर 33 के पास पहुंची। यहीं बस के ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने की बदबू आने लगी। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी भी दी, लेकिन FIR के मुताबिक बस को तत्काल रोककर जांच नहीं की गई।

FIR में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यात्रियों द्वारा जलने की गंध की जानकारी देने के बावजूद चालक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि चालक और परिचालक कैबिन में बीड़ी/सिगरेट पीते रहे और बस को रोकने के बजाय आगे बढ़ाते रहे। इसके कुछ ही समय बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक आग की तेज लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने को कहा, लेकिन शिकायत के अनुसार उस समय तक आग तेजी से फैलने लगी और बस में धुआं भर गया।
FIR के अनुसार आग और धुएं के बीच कुछ यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल आए, जबकि कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर जानकारी मिली कि चिकित्सकों ने 9 लोगों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में यात्रियों के बैग, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जलकर राख होने की बात FIR में दर्ज है। बस के लगेज बॉक्स और छत पर रखा यात्रियों का सामान भी आग की चपेट में आने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
FIR में शिकायतकर्ता ने चालक और परिचालक पर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि जलने की बदबू की सूचना पहले ही दिए जाने के बावजूद बस को समय रहते नहीं रोका गया। पुलिस ने इन्हीं आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR में विवेचना की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को दी गई है।

थाना जेवर में दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 281, 125(b), 105 और 351(3) लगाई गई हैं। FIR के अनुसार घटना 23 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 33 पर हुई।
चेतना मंच की पड़ताल में फिलहाल FIR में दर्ज शिकायत के तथ्य सामने आए हैं। आग लगने के तकनीकी कारण और चालक-परिचालक की वास्तविक भूमिका का अंतिम निष्कर्ष पुलिस की विवेचना तथा संबंधित जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
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