यीडा CEO राकेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया गया है। अब वह 30 सितंबर 2027 तक यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की कमान संभालेंगे। जेवर एयरपोर्ट, यमुना सिटी, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स हब और संस्थागत परियोजनाओं के बीच यह सेवा विस्तार कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Greater Noida : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया है। उनका वर्तमान पुनर्नियोजन कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को पूरा हो रहा था। शासन के निर्णय के बाद अब वह 30 सितंबर 2027 तक यीडा के CEO बने रहेंगे। IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह के पास यीडा के साथ जेवर एयरपोर्ट की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी। राकेश कुमार सिंह को दूसरी बार सेवा विस्तार ऐसे समय मिला है, जब यमुना क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। जेवर एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश, यमुना सिटी, लॉजिस्टिक्स हब, संस्थागत परियोजनाएं और नई शहरी विकास योजनाएं इस क्षेत्र के भविष्य को बदलने वाली परियोजनाएं हैं।

आपको बता दें कि राकेश कुमार सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत PCS से हुई थी। वह 1994 में PCS में चयनित हुए और वर्ष 2016 में IAS कैडर में पदोन्नत हुए। उन्हें 2009 बैच का IAS कैडर आवंटित किया गया। प्रशासनिक सेवा में लंबा अनुभव रखने वाले राकेश कुमार सिंह ने जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण पदों तक काम किया है। वह मुरादाबाद, गाजियाबाद और कानपुर के जिलाधिकारी रह चुके हैं। गाजियाबाद में उन्होंने विकास प्राधिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह के लिए यीडा कोई नई संस्था नहीं है। वह इससे पहले भी 2015 से 2016 के बीच यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (Additional CEO) के रूप में काम कर चुके हैं। यही वजह है कि यमुना क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था, औद्योगिक विकास और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली से वह पहले से परिचित रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्हें यीडा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय जेवर एयरपोर्ट परियोजना अपने महत्वपूर्ण निर्माण और संचालन चरण में थी।
IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह के मौजूदा कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष जेवर एयरपोर्ट और उसके आसपास विकसित हो रही यमुना सिटी है। प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र गौतमबुद्धनगर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा तक फैला हुआ है। यीडा का काम केवल जमीन विकसित करना नहीं है। औद्योगिक, आवासीय, संस्थागत और वाणिज्यिक विकास के साथ-साथ क्षेत्र में कनेक्टिविटी, निवेश, पर्यटन और संतुलित शहरी विकास की योजनाएं भी प्राधिकरण के एजेंडे में हैं।

IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यीडा क्षेत्र में औद्योगिक और संस्थागत विकास से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। चेतना मंच ने भी उनके नेतृत्व में यीडा क्षेत्र में चल रही विकास गतिविधियों, नई प्लॉट योजनाओं, हरित क्षेत्र और औद्योगिक विकास को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
हाल ही में यीडा ने स्कूल और कॉरपोरेट कार्यालयों के लिए 19 भूखंडों की योजना भी शुरू की है। यह यमुना सिटी में संस्थागत ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जेवर एयरपोर्ट के आसपास जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच यीडा क्षेत्र में अवैध कब्जे और अनधिकृत कॉलोनियों की समस्या भी बड़ी चुनौती है। IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर सितंबर 2026 में अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए करीब 30 हेक्टेयर यानी लगभग तीन लाख वर्गमीटर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की जानकारी सामने आई थी। इस भूमि का मूल्य करीब 400 करोड़ रुपये है। IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास और पूरे यीडा क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही थी।
IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह को सितंबर 2027 तक सेवा विस्तार मिलने के बाद यीडा और जेवर क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं में प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी। उनके सामने अगले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारना, नई शहरी परियोजनाओं को गति देना, एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी को मजबूत करना, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत परियोजनाओं को आगे बढ़ाना तथा यीडा की जमीन को अतिक्रमण से सुरक्षित रखना जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
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