UPITS 2026 में ग्रेटर नोएडा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक और कारोबारी तस्वीर दुनिया के सामने रखी। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो के चौथे संस्करण में 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार और 2,400 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए हैं।

UPITS- 2026 : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, कारोबारी और आर्थिक बदलाव की तस्वीर शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में दुनिया के सामने दिखाई दी। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 के चौथे संस्करण के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को एक खास सूत्र में पेश किया—Potential से Possibility और Possibility से Prosperity। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इसी कार्य संस्कृति के माध्यम से अपनी संभावनाओं को अवसर और अवसरों को समृद्धि में बदलने की दिशा में काम किया है। मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब ग्रेटर नोएडा में आयोजित UPITS के चौथे संस्करण में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, MSME, टेक्नोलॉजी, हस्तशिल्प, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और स्टार्टअप तक को अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने पेश किया जा रहा है।
इस बार UPITS का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप पहले से बड़ा दिखाई दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ट्रेड शो में 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2400 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले वर्ष 72 देशों के लगभग 550 खरीदारों ने भाग लिया था, जबकि इस बार खरीदारों की संख्या और देशों की भागीदारी दोनों में विस्तार हुआ है। लगभग 1.5 लाख B2B विजिटर्स के आने की संभावना भी बताई गई है। इस बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के उत्पादों, कारीगरों, MSME और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के प्रयास के रूप में देख रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदेश की सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता को लेकर दुनिया में भरोसा बढ़ा है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश से अब दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों का निर्यात हो रहा है। योगी ने UPITS को केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी के बजाय उत्तर प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता को दुनिया के सामने रखने वाला मंच बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की ताकत केवल आधुनिक उद्योगों में नहीं बल्कि गांवों, जिलों और स्थानीय स्तर पर मौजूद पारंपरिक हुनर में भी है। सरकार ने इन स्थानीय क्षमताओं को बाजार, तकनीक, ब्रांडिंग और आधुनिक उत्पादन व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में क्षमता की कभी कमी नहीं रही। आवश्यकता इस बात की थी कि उस क्षमता को पहचाना जाए, उसके लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जाए और उसे बड़े बाजार से जोड़ा जाए। इसी सोच को उन्होंने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों के संदर्भ में One District One Product यानी ODOP से जोड़ा। योगी के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौजूद विशिष्ट उत्पादों को पहचान देने, उनकी ब्रांडिंग करने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं। यही मॉडल अब पारंपरिक उत्पादों से आगे बढ़कर खान-पान और स्थानीय व्यंजनों तक पहुंचाया जा रहा है।
UPITS 2026 के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में One District One Cuisine (ODOC) पोर्टल लॉन्च किया गया। इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों की पारंपरिक खाद्य पहचान को सामने लाना और स्थानीय खान-पान को भी बाजार तथा पर्यटन से जोड़ना है। इस तरह उत्तर प्रदेश में जिला आधारित पहचान को केवल उत्पादों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय भोजन और खाद्य संस्कृति तक विस्तारित करने की कोशिश दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की स्थानीय पहचान वाले उत्पादों के संदर्भ में GI टैग का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 79 उत्पादों को GI टैग मिल चुका है, जबकि 75 अन्य उत्पादों के लिए आवेदन किए गए हैं।
भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल, कन्नौज का इत्र और वाराणसी की सिल्क जैसे उत्पादों को उत्तर प्रदेश की पारंपरिक आर्थिक ताकत के उदाहरण के तौर पर सामने रखा गया। सरकार ODOP, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के जरिए कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, वित्तीय सहायता, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को बड़े घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उत्पाद बनाने वाले व्यक्ति और अंतिम बाजार के बीच मौजूद बिचौलियों पर निर्भरता कम करना है। UPITS में B2B बैठकों के जरिए विदेशी खरीदारों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे कारोबारी संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था की गई है। इससे छोटे कारोबारियों के लिए नए बाजार और निर्यात के अवसर तलाशने की संभावना बनती है। योगी आदित्यनाथ ने UPITS को परंपरा और तकनीक, विरासत और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार के संगम के रूप में प्रस्तुत किया। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसका सीधा लक्ष्य स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय देश और दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।
UPITS 2026 में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी खास आकर्षण है। इस संस्करण में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर देशों के रूप में शामिल हैं। इन देशों की भागीदारी से व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग, निवेश, सोर्सिंग और संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं पर बातचीत का मंच तैयार हुआ है। कार्यक्रम में जापान के राजदूत ओनो केइची, सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
25 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में UPITS 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ नेता एवं अधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन से पहले अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद दोनों नेताओं ने ट्रेड शो में लगे विभिन्न स्टॉलों का ई-कार्ट से निरीक्षण किया और उद्यमियों से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ODOP से जुड़ी ओपल ग्लास की राधा-कृष्ण प्रतिमा भी भेंट की। उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में निवेश और कानून-व्यवस्था से जुड़े बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश का केंद्र और देश के विकास का इंजन बन रहा है। शाह ने उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन और डिफेंस कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। उनके संबोधन के अनुसार राज्य में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक वातावरण में आए बदलावों का असर निवेश की संभावनाओं पर पड़ा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। अमित शाह ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के पुराने कानून-व्यवस्था के दौर और वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य की तुलना करते हुए दावा किया कि पहले प्रदेश में अपराध और माफिया का प्रभाव था, जबकि अब उसी प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और आधुनिक उद्योग विकसित हो रहे हैं। यह उनके उद्घाटन भाषण का राजनीतिक और नीतिगत हिस्सा था; इन दावों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग आकलन रहे हैं।
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर तथा राज्य में रक्षा उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बने रक्षा उत्पाद देश की सुरक्षा क्षमता में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ब्रह्मोस और अमेठी में रक्षा उत्पादन का जिक्र किया। UPITS में सामने आया बड़ा आर्थिक संदेश यह है कि उत्तर प्रदेश को केवल बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स, MSME और निर्यात ढांचे को एक साथ जोड़ने की रणनीति पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने आधुनिक बुनियादी ढांचे को औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। UPITS- 2026 :
UPITS के उद्घाटन अवसर पर MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक MSME इकाइयां हैं और इनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने MSME क्षेत्र को कृषि के बाद रोजगार देने वाला प्रमुख क्षेत्र बताया। ODOP और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से छह लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिलने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने भारत के विभिन्न देशों के साथ हुए Free Trade Agreements यानी FTA का भी उल्लेख किया। सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में उत्पादन इकाइयां स्थापित करें तथा यहां से वैश्विक बाजारों तक उत्पाद पहुंचाएं। इस मॉडल में उत्तर प्रदेश की स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला, बड़े घरेलू बाजार, औद्योगिक कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
UPITS 2026 की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां एक तरफ उत्तर प्रदेश की सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा दिखाई दे रही है तो दूसरी तरफ आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप भी मौजूद हैं। यानी एक ही परिसर में कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और वाराणसी की सिल्क जैसी पारंपरिक पहचान के साथ आधुनिक उद्योग और तकनीक भी दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने इसी मेल को उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक पहचान के रूप में प्रस्तुत किया।
25 से 29 सितंबर तक चलने वाला UPITS 2026 ग्रेटर नोएडा को पांच दिनों के लिए उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। जेवर एयरपोर्ट, नोएडा-ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक क्षेत्र, यमुना क्षेत्र, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट जैसे बुनियादी ढांचे के बीच आयोजित यह आयोजन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के संदेश का केंद्रीय बिंदु यही रहा कि उत्तर प्रदेश में मौजूद क्षमता को पहचानकर उसे अवसर में और अवसर को आर्थिक समृद्धि में बदलने की कोशिश की जा रही है।
Potential → Possibility → Prosperity का यह सूत्र अब UPITS 2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी कहानी का प्रमुख संदेश बनकर सामने आया है।
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