
Eye Flu 2023, नोएडा हिन्दी न्यूज़ : बरसात के बाद डेंगू और वायरल की समस्या तो मरीजों को मौसम के बदलाव में सताती ही है लेकिन नेत्र अस्पतालों के सर्वे के मुताबिक पिछले 10 दिनों में आंखों के संक्रमण यानी कंजेक्टिवाइटिस से 25 से 30 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ी है। पिछले 3 सालों की तुलना में आई फ्लू की बीमारी चिंताजनक 30% में बढ़ी है।
Noida Hindi News: आंखों के अस्पतालों में जहां 100 मरीज सामान्य बीमारी या सर्जरी या मोतियाबिंद के पहुंचते थे वहां अब हर तीसरा मरीज "आई फ्लू" का पहुंच रहा है। कोविड की महामारी ने जनता को गत वर्षो में पहले ही इतना डरा दिया था की जरा सा बुखार आने पर या आंखें लाल हो जाए या फिर आंखों से पानी बहने लगे तो कोरोना के होने का शक होने लगता था। यह घबराहट का विषय बन जाता था और डर लगने लगता था कि कहीं ऐसा ना हो कि हमारे तमाम टेस्ट शुरू हो जाए और फिर से हमें किसी मुसीबत का सामना करना पड़े।
Greater Noida Hindi News : ऐसे में स्वास्थ्य सावधानियां को लेकर हमने कंजेक्टिवाइटिस पर विस्तृत अध्ययन करके और बातचीत करके आई फ्लू के निदान और सावधानियों पर अध्ययन किया है जिसमें बताया गया है की आंखों का संक्रमण यानी कं कंजेक्टिवाइटिस को हम कैसे रोक सकते हैं! क्या यह बीमारी एक दूसरे को देखने भर से फैल जाती है या फिर इसके पीछे डॉक्टर के मुताबिक कुछ अन्य कारण है?
Eye Flu 2023, ग्रेटर नोएडा हिन्दी न्यूज़ : आईए जानते हैं आंखों के संक्रमण की बीमारी से कैसे बचे डॉक्टर का इस बारे में क्या कहना है? मरीजों को इस समस्या से किस तरह की समस्याएं आ रही हैं और घरेलू स्तर पर इसके लिए क्या सावधानी बरती जाएं कि आई फ्लू से बचा जा सके। आई फ्लू क्या होता है कैसे फैलता है और इस बार पिछले 3 वर्षों की तुलना में आई फ्लू के मामलो मे वृद्धि क्यों हुई है? देखिये प्रतिक्रियाएं।
Eye Flu 2023 : मेडिकल एक्सपर्ट की राय फ्लू के बारे में
आई फ्लू से बचने के लिए क्या करें? - शार्प आई सेंटर के डॉक्टर यतींद्र सिंह राणा (हेड कंसल्टेंट)
शार्प आई सेंटर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित नेत्र अस्पताल के हेड कंसलटेंट डॉक्टर यतींद्र सिंह राणा ने विशेष बातचीत में बताया कि पिछले 10 दिनों में आई फ्लू के मरीजों में 25 से 30% की बढ़ोतरी हुई है। आई फ्लू के मामले हालांकि प्रतिवर्ष मौसम के बदलाव में जरूर देखने को मिलते हैं लेकिन पिछले 3-4 वर्षों की तुलना में इस बार पिछले 10 दिनों में आंखों के संक्रमण के मामले तेजी से बड़े हैं।
गाज़ियाबाद हिन्दी न्यूज़: हमारे हॉस्पिटल में जहां को इसकी सामान्य अन्य बीमारी या सर्जरी के आते हैं वहां इन 10 दिनों में हर तीसरा चौथा मरीज आंखों के संक्रमण आ रहा है। हम चिकित्सा की मेडिकल भाषा में हम कंजेक्टिवाइटिस कहते हैं। इस बीमारी के बचाव और चिकित्सा से पहले हमें जानना होगा कि यह बीमारी आखिर क्या है ? और कैसे यह मरीज को अपनी चपेट में ले लेती है। इसके लक्षण क्या होते हैं, यह भी जाना आवश्यक है। डॉक्टर यतींद्र सिंह राणा ने विशेष बातचीत में हमें बताया कि इस बीमारी के लक्षण, "आई फ्लू" क्या है और सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। आईए जानते हैं आई फ्लू के हर पक्ष के बारे में ताकि हम आई फ्लू की चपेट मे आने से बच सकें।
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"आई फ्लू "क्या है?
डॉ राणा ने बताया, आई फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जिसे मेडिकल टर्म में कंजेक्टिवाइटिस कहा जाता है। यह एक विशेष प्रकार के बैक्टीरिया की वजह से होती है जो नमी के कारण होते हैं। खास तौर से बरसात के बाद पानी जमा होने कि वजह से पैदा हुई गंदगी की वजह से यह पनपते है? कंजेक्टिवाइटिस एक सूजन है। कंजेक्टिवाइटिस एक पतली पारदर्शी परत है, जो आंख के सामने की सतह और पलकों के अंदर की रेखा को कवर करती है।
कंजेक्टिवाइटिस कई प्रकार का होता है या एक वायरल इंफेक्शन होता है?
सामान्य तौर पर वायरल कंजेक्टिवाइटिस होता है जो एक से दो सप्ताह के बीच में ठीक हो जाता है।
वायरल कंजंक्टिवाइटि आई फ्लू
Eye Flu 2023, हिन्दी न्यूज़ : कंजंक्टिवाइटिस सामान्य तौर पर सबसे अधिक प्रचलित है और एक वायरल संक्रमण के कारण होता है। यह अक्सर वही वायरस होते हैं, जो सामान्य सर्दी का कारण बनते हैं। यह संक्रमित आंखों के तरल पदार्थ के संपर्क में आने से फैलता है और बहुत संक्रामक होता है। आंखें लाल होना, फ्लूइडडिस्चार्ज, खुजली और प्रकाश संवेदनशीलता इसके लक्षण हैं।
यह संक्रमण सामान्यतया स्टैफिलोकोकस ऑरियस और स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया बैक्टीरिया के कारण होता है। इसमें आंखों के चारों ओर लालीपन, सूजन, चिपचिपा या मवाद जैसा डिस्चार्ज होता है और पापड़ी सी बन जाती है। यह बहुत संक्रामक भी हो सकता है। बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस का इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप आदि से किया जाता है।
Eye Flu 2023 एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस आई फ्लू
नोएडा हिन्दी खबरे : परागकण, पालतू जानवरों की रूसी, धूल के कण या कुछ रसायनों सहित अन्य एलर्जी आइ फ्यू के इस प्रकार का कारण बन सकती है। परिणामस्वरूप दोनों आँखों में गंभीर जलन, रेडनेस और तरल डिस्जार्च हो सकता है। एलर्जी से बचने के अलावा, एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस का इलाज अक्सर एंटीहिस्टामाइन आई ड्रॉप्स या ओरल दवाओं से किया जा सकता है और यह संक्रामक नहीं है।
केमिकल कंजंक्टिवाइटिस आई फ्लू
ग्रेटर नोएडा हिन्दी खबरे : केमिकल कंजेक्टिवाइटिस आई फ्लू धुएं, एसिड या अल्कलाइन जैसे पदार्थों के संपर्क में आने के बाद होता है। जिससे आंखों में गंभीर खुजली, रेडनेस और ब्लरविजन की समस्या हो सकती है।
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आंखों को सीधा देखने से आई फ्लू फैलता है एक भ्रमित सोच
Eye Flu 2023 : डॉ राणा का कहना है की कुछ लोग ऐसा मानते हैं की आंखों को देखने से आई फ्लू की बीमारी फैलती है लेकिन ऐसा नहीं है यह संक्रामक बीमारी है। आंखों में जो चिपचिपा पदार्थ या डिस्चार्ज निकलता है वो आंखों को बार-बार छूने से हाथो मे फ़ेल जाता है। यही हाथ दूसरे स्थानो को छूने से ये बैक्टीरिया दूसरी जगहो पर फैलता है। सफाई का ध्यान रखना और हाथ धोते रहना बहुत जरूरी है । इस तरह कई बार यह बीमारी पूरे गांव या शहर में फैल जाती है जहां नमी के कारण वायरस इन्फेक्शन के बैक्टीरिया होते हैं ।
कंजेक्टिवाइटिस की पहचान कैसे करें ?डॉक्टर से परामर्श
Noida Hindi Khabar: डॉ राणा का कहना है कि आंखों में किसी तरह की लालीपन हो, आंखों से पानी बह रहा हो या आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकल रहा हो या देखने में किसी तरीके की परेशानी हो ,तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए बिना डॉक्टर की सलाह के किसी दवाई का प्रयोग ना करें। अगर किसी वजह से डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाए तो प्राथमिक देखभाल के लिए आंखों में एंटीबायोटिक दवा में मॉक्सिफ्लाक्सीन या इसके समकक्ष ड्रॉप तब तक डाल सकते हैं जब तक अपने डॉक्टर को नहीं दिखा लेते। आई फ्लू होने पर घबराएं नहीं क्योंकि आई फ्लू का कोविंड से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। यह एक मौसम की बीमारी होती है जो नमी के कारण गंदे स्थान, जगह-जगह पानी जमाव के कारण उत्पन्न हुए वायरस बैक्टीरिया से फैलती है।
आई फ्लू के संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां
ग्रेटर नोएडा हिन्दी खबर : अगर आपके आसपास घर दफ्तर स्कूल या काम के स्थल में कोई मरीज आई फ्लू से संक्रमित है तो आप उससे दूरी बनाएं और खास तौर से उन चीजों को न छुए जिस मरीज ने छुआ है।
खान पान और आहार से आई फ्लू का कोई लेना देना नहीं है। आंखों की आई फ्लू का कारण मुख्यतः रहन सहन की जगह और जीवन शैली से है इसलिए जहां तक हो सफाई का ध्यान अवश्य रखें।
आई फ्लू के बढ़ते मामलों में सामान्य प्रतिक्रियाएं
छोटे बेटे को हुआ तो पूरे परिवार को हो गया आई फ्लू : प्रियंका शर्मा
हिन्दी न्यूज़: नोएडा सेक्टर 62 के पास में रहने वाली प्रियंका का कहना है कि उनके छोटे बेटे को इस हफ्ते आंखों का संक्रमण हुआ, आंखें लाल हुई और आंखों से पानी बह रहा था। पहले तो उन्होंने सोचा आंखों में कुछ गिर गया है उन्होंने सामान्य ड्राप डाली लेकिन वह ठीक नहीं हुई डॉक्टर ने संपर्क करने पर बताया की आई फ्लू हुआ है तब उन्होंने एंटीबायोटिक आई ड्रॉप दी। बेटे की आंख तो ठीक हो गई लेकिन उसके बाद पति को फिर दूसरे बेटे को और फिर मुझे भी हो गया। क्योंकि सभी बच्चों को गोद में लेते हैं बच्चों के आंख से जो भी डिस्चार्ज निकला या संक्रमण हुआ उससे पूरे परिवार को ही आई फ्लू फैल गया।
Eye Flu 2023 : प्रियंका ने बताया बरसात के बाद इस इलाके में जगह जगह पानी जमा हो जाता है और कई जगह गोबर और कूड़े के ढेर भी होते हैं। घर में कितने भी सफाई रखें लेकिन वायरल तो आसपास के मौसम से फैल ही जाता है। और इस बार तो जगह-जगह बारिश भी अच्छी हुई है नतीजन केसेस बढ़ रहे हैं।
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बरसात के कारण वायरल इंफेक्शन की देन है आंखों के संक्रमण की बीमारी: डॉ सुधांशु प्रेम धाम हॉस्पिटल
Eye Flu 2023 : आंखों के संक्रमण की बीमारी आमतौर पर बदलते मौसम में वायरल आदि के कारण हो जाती है। लेकिन इस पर हिंडन के किनारे से लेकर दिल्ली तक, जमुना बाजार से लेकर सड़कों तक अधिक बरसात के कारण काफी पानी का जमावड़ा हुआ है। बाढ़ की स्थिति में जहां यमुना जैसे किनारे या ग्रामीण इलाकों में डेंगू , मलेरिया, पेट की बीमारियां आदि बड़ी हैं वहीं आंखों के संक्रमण की बीमारी तेजी से बड़ी है। सभी को बदलते मौसम में खासतौर से सफाई का ध्यान रखना चाहिए और संक्रमण व्यक्ति को न छुए। समय पर डॉक्टर को अवश्य दिखाएं ताकि आंखों के संक्रमण को जल्द से जल्द ठीक किया जा सके। नेत्र विशेषज्ञ से ही सलाह लें अपनी मर्जी से कुछ भी दवा का प्रयोग ना करें क्योंकि आंख संवेदनशील और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आंखों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर नेत्र विशेषज्ञ से ही इलाज कराया जाना चाहिए। बच्चों की सफाई का भी ध्यान रखें और स्वयं भी सफाई का पूरा ध्यान रखें।
100 में से 50 के लगभग मामले आई फ्लू के: तिवारी आई सेंटर वैशाली
गाज़ियाबाद न्यूज़ इन हिन्दी: तिवारी आई सेंटर की स्वागत करता ने बातचीत में बताया की बरसात के बाद आई फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सौ मरीजों में से 40 मरीज आई फ्लू के ही आ रहे हैं।
नेत्र संक्रमण के बाद बरतिए खास सावधानियां: नैना
दिल्ली हिन्दी न्यूज़ : गृहिणी नैना मिश्रा ने बताया कि उसके बेटे को इस हफ्ते आंखों में संक्रमण हुआ, आंखों में लाली मां आ गई और थोड़ा पानी सा भी आ रहा था । हमने तुरंत डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने एंटीबायोटिक दवाई दी और उसे धूप वाला चश्मा लगाने की हिदायत भी दी ताकि धूल मिट्टी ना लगे और संक्रमण जल्दी ठीक किया जा सके। हमने सफाई का खास ध्यान रखा और उसको बार-बार हाथ धोने के लिए कहा। उसे आंखें न छूने की हिदायत भी दी और हमने स्वयं भी जब-जब बच्चों को खाना खिलाया या उसकी छूई हुई किसी चीजों को छुआ तो बार बार हाथ धोए। बेटे की आंख का संक्रमण जल्दी ठीक हो गया और हमें भी संक्रमण ने नहीं पकड़ा । क्योंकि आमतौर पर देखने में आता है जो लोग सफाई का ध्यान नहीं रखते उनके पूरे परिवार को आई फ्लू संक्रमित कर लेता है।
कंजेक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू के समय अन्य जरूरी बातें: आंखों में ज्यादा दर्द होने पर घरेलू उपाय
इंफेक्शन के समय भूलकर भी ना करें यह गलतिया
कंजंक्टिवाइटिस के समय ध्यान रखने योग्य बातें।
उल्लेखनीय है पटना से लेकर उत्तर प्रदेश तक दिल्ली से लेकर नोएडा तक ज्यादा बारिश के बाद तमाम जगह आंखों के संक्रमण यानी आईफ्लूकी समस्या तेजी से बड़ी है इस तरफ स्वास्थ्य विभाग से लेकर स्वच्छता विभाग तक घर से लेकर दफ्तर तक तमाम सावधानियां की जरूरत है। ताकि हम स्वस्थ रहें स्वच्छ रहे बीमारियों से दूर रहे। हर मौसम के बदलाव को एक चुनौती की तरह से लें और पहले से उसकी तैयारी रखें ताकि यह समस्या अपना विकराल रूप ना ले सके और सावधानियां के साथ हम उनकी विभीषिका को कम कर सकते हैं।
छूना ना छूना ना.... इस गाने की पंक्तियां आई फ्लू के लिए सबसे बड़ा संदेश है और दूसरा हाथों की सफाई, हाथ मिलाने से बचे... कंजेक्टिववॉइस में हम हाथ मिलाकर प्यार नहीं बाटेंगे ना दोस्ती जताएंगे बल्कि उल्टा वायरल इंफेक्शन फैलादेंगे। इसलिए याद रखें, आंखें हमारी दुनिया का सबसे बड़ा वरदान है आंखों की स्वच्छता और समय पर इलाज इसके लिए डॉक्टर की सलाह अत्यंत आवश्यक है।
मीना कौशिकग्रेटर नोएडा / नोएडा का नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल
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