"राजा नहीं, राज से करवा देता बहन की शादी", बहनोई के पिंडदान में फूट पड़ा गोविंद का दर्द
Raja Raghuvanshi Murder Case
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:17 PM
Raja Raghuvanshi Murder Case : राजा रघुवंशी हत्याकांड ने मध्य प्रदेश समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस बहुचर्चित हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम और उसका प्रेमी राज कुशवाहा पुलिस रिमांड पर हैं। इन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, मगर इंसाफ की प्रक्रिया अभी लंबी है। इस बीच राजा के पिंडदान के अवसर पर सोनम के बड़े भाई गोविंद का बयान सामने आया है, जिसने भावनाओं और पछतावे का एक नया अध्याय खोल दिया है।
सिद्धवट घाट पर पिंडदान, जीजा को दी अंतिम श्रद्धांजलि
शुक्रवार को उज्जैन के सिद्धवट घाट पर राजा रघुवंशी का पिंडदान किया गया। इस मौके पर राजा के परिजनों के साथ-साथ सोनम के भाई गोविंद भी मौजूद थे। गोविंद ने अपने जीजा को विधिपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की और इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बहन के कृत्य पर खुलकर दुख और गुस्सा जाहिर किया।
"अगर पता होता तो करवा देता शादी..."
भावुक गोविंद ने कहा, अगर मुझे सोनम और राज के संबंधों की भनक होती, तो मैं खुद दोनों की शादी करवा देता या कह देता कि भाग जाओ। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और मेरी बहन की वजह से एक निर्दोष राजा की जान चली गई। राजा मेरा भी बहुत करीबी था, उसे मैं दिल से मानता था। उसकी मौत ने हमें तोड़ा है, और मैं इस गुनाह के लिए अपनी बहन को हर हाल में सजा दिलवाना चाहता हूं।
सोनम की जिद और परिवार की लाचारी
गोविंद ने बताया कि सोनम हमेशा से जिद्दी और गुस्सैल स्वभाव की रही है। परिवार अक्सर उसके फैसलों के आगे झुक जाता था। "अगर उसे शादी नहीं करनी थी, तो मना कर सकती थी। वह आजाद ख्यालों वाली थी, लेकिन उसने जो किया वह माफी के काबिल नहीं है। उसने इंदौर नहीं, पूरे मध्यप्रदेश को शर्मिंदा किया है," गोविंद ने तीखे लहजे में कहा।
21 दिन की शादी और मौत का सफर
बता दें, 1 मई को राजा और सोनम की शादी हुई थी और 21 मई को दोनों हनीमून पर शिलॉन्ग गए थे। वहीं, पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके साथियों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी। यह हत्या इतनी योजनाबद्ध थी कि 21 दिन बाद भी पुलिस को छानबीन में कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं।
पिंडदान में भावनात्मक क्षण
राजा के भाई विपिन ने जानकारी दी कि परिवार उज्जैन पहुंचकर विधिवत पिंडदान कर रहा था, उसी दौरान गोविंद का फोन आया। उन्होंने भी साथ चलने की इच्छा जताई। हमने कहा कि अगर आपको बहन के किए का पछतावा है तो आइए। ये इंसानियत की बात है, रिश्ते की बात है, विपिन ने कहा। इस रिपोर्ट के बहाने एक बार फिर यह सवाल उठता है कि रिश्तों में ईमानदारी और संवाद की कितनी अहमियत है, और जब ये न हों, तो त्रासदी किस हद तक पहुंच सकती है।