Real Estate : 2025 की पहली तिमाही में घरों की बिक्री में भारी गिरावट
Real Estate
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 10:32 AM
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 10:32 AM
Real Estate : भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2025 की पहली तिमाही में मंदी के दौर से गुजर रहा है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक के अनुसार, देश के सात प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में 28% की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस गिरावट का मुख्य कारण बढ़ती आवासीय कीमतें, वैश्विक अनिश्चितताएँ और भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं।
घर की बिक्री में भारी गिरावट: शहरवार आंकड़े
एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-मार्च 2025 की अवधि में कुल 93,280 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,30,170 यूनिट था। आइए जानते हैं विभिन्न शहरों में घरों की बिक्री पर इसका कैसा प्रभाव पड़ा है:
दिल्ली-एनसीआर: 15,650 यूनिट से 20% की गिरावट के साथ 12,520 यूनिट तक सिमटने का अनुमान।
मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर): 42,920 यूनिट से 26% की गिरावट, अब 31,610 यूनिट तक रह सकती है।
बेंगलुरु: 17,790 यूनिट से 16% की गिरावट, अब 15,000 यूनिट तक सिमटने की संभावना।
पुणे: 22,990 यूनिट से 30% की गिरावट, अब केवल 16,100 यूनिट की बिक्री होने का अनुमान।
हैदराबाद: 19,660 यूनिट से 49% की गिरावट, अब 10,100 यूनिट तक सीमित।
चेन्नई: 5,510 यूनिट से 26% की गिरावट, अब केवल 4,050 यूनिट तक रहने की संभावना।
कोलकाता: 5,650 यूनिट से 31% की गिरावट, अब 3,900 यूनिट तक सिमट सकती है।
क्या हैं इस गिरावट के प्रमुख कारण?
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि भले ही भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण कारकों ने आवासीय बाजार की गतिविधियों को प्रभावित किया है:
बढ़ती आवासीय कीमतें: पिछले कुछ समय में घरों की कीमतों में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे संभावित खरीदारों की क्रय शक्ति प्रभावित हुई है।
वैश्विक आर्थिक अस्थिरता: कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था और बढ़ती ब्याज दरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
भू-राजनीतिक तनाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी संघर्षों और आर्थिक नीतियों में अनिश्चितताओं का सीधा असर भारत के रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ा है।
बाजार के सुधार के संकेत और संभावनाएं
बीसीडी ग्रुप के सीएमडी अंगद बेदी का मानना है कि यह गिरावट बाजार में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक संकेत हो सकती है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक दृष्टि से यह बदलाव स्थिरता और बेहतर मूल्य निर्धारण की ओर इशारा करता है। वहीं, प्रॉपर्टी फर्स्ट के सीईओ भावेश कोठारी ने कहा कि आवासीय रियल एस्टेट सेगमेंट में मांग चक्रीय होती है, और संभावित खरीदारों की पूछताछ अभी भी मजबूत बनी हुई है।
रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-मार्च 2025 के दौरान नौ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में 23% तक की गिरावट देखी जा सकती है। Real Estate :