
Real Estate : भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में हाल ही में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश के सात प्रमुख शहरों में अनसोल्ड इन्वेंटरी (बिक्री से बाहर बचे फ्लैट्स/मकान) की संख्या में 4% की गिरावट आई है। वहीं, सस्ते मकानों की हिस्सेदारी में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
जनवरी-मार्च 2024: 5.80 लाख इकाइयाँ खाली पड़ी थीं।
जनवरी-मार्च 2025: घटकर 5.59 लाख इकाइयाँ रह गईं।
गिरावट का मुख्य कारण लक्जरी और मिड-सेगमेंट की बढ़ती मांग है।
दिल्ली-एनसीआर
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR)
बेंगलुरु
पुणे
हैदराबाद
चेन्नई
कोलकाता
ये सात शहर देश के रियल एस्टेट मार्केट का सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं।
2024 में: 1,39,905 यूनिट्स
2025 में: 1,12,744 यूनिट्स
कुल गिरावट: 19%
मामूली गिरावट के साथ 1,74,572 से घटकर 1,57,741 यूनिट्स
लगभग स्थिर – 1,75,293 से बढ़कर 1,76,130 यूनिट्स
जबरदस्त बढ़ोतरी – 91,125 से बढ़कर 1,13,193 यूनिट्स
कुल बढ़ोतरी: 24%
2024 की तिमाही: 1.30 लाख यूनिट्स
2025 की तिमाही: केवल 93,280 यूनिट्स
2024 की समान तिमाही में: 1,10,865 यूनिट्स
2025 में: 1,00,020 यूनिट्स
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार: सस्ते घरों का सेगमेंट महामारी के प्रभाव के कारण कमजोर हुआ है। किफायती घरों की न सिर्फ बिक्री, बल्कि नई पेशकश में भी गिरावट देखने को मिली है। पिछले 5 वर्षों में सस्ते घरों की कुल हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है। Real Estate :