Humanoid Robot : मानवीय रोबोट, यंत्र मानव अथवा लोहे का इंसान ये सब शब्द ह्यूमनॉइड रोबोट (Humanoid Robot) के लिए कहा जाता है। ह्यूमनॉइड रोबोट (Humanoid Robot) अथवा यंत्र मानव की परिकल्पना बहुत पहले कर ली गई थी। दुनिया के अनेक देशों में ह्यूमनॉइड रोबोट का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। कुछ विशेषज्ञों ने दावा किया है कि वर्ष-2025 पूरी दुनिया के लिए ह्यूमनॉइड रोबोट यानि मानवीय रोबोट का साल हो सकता है। वर्ष-2024 समाप्त होते-होते जैसे आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने दुनिया में तहलका मचा दिया है। वैसे ही वर्ष-2025 खत्म होने तक मानवीय रोबोट तहलका मचा देंगे।
क्या होते हैं मानवीय रोबोट?
मानवीय रोबोट (Humanoid Robot ) एक चलती-फिरती मशीन वाला इंसान होता है। मानवीय रोबोट बकायदा अपने पैरों पर चलकर वह प्रत्येक काम कर सकता है जो एक जीवित इंसान कर सकता है। रोबोट बनाने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि, दुनिया का ऐसा कोई काम नहीं है जो मानवीय रोबोट नहीं कर सकता है। एक विशेषज्ञ ने तो यहां तक दावा किया है कि, रोबोट से इंसानों की तरह पति तथा पत्नी वाला काम भी लिया जा सकता है। दुनिया के प्रसिद्ध एआई तथा रोबोटिक्स विशेषज्ञ जेरेमी ह्सु ने हाल ही में एक बड़ा लेख लिखा है। उस लेख में दावा किया गया है कि वर्ष-2025 मानवीय रोबोट का साल हो सकता है।
क्या कहते हैं मानवीय रोबोट के विशेषज्ञ?
आने वाला साल 2025 क्या रोबोट का साल होगा? ह्यूमनॉइड (मानवीय) रोबोट, जो बिल्कुल मनुष्य जैसे होते हैं और लोगों के साथ बातचीत और ग्राहक सेवा जैसे पेशेवर काम कर सकते हैं, 2025 तक गोदामों, मोटर वाहन कारखानों और यहां तक कि घरों में भी प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। लेकिन देखना होगा कि क्या यह वास्तव में अपनी पकड़ बना पाएंगे। इस नई क्रांति की मशीनें (रोबोट) पहले से काम कर रहे पहिएदार और लंबे हाथों वाले रोबोट, जिनका मुख्य तौर पर इस्तेमाल गोदामों में किया जाता है, से अलग होंगी। दो हाथ और पैरों वाले मनुष्य जैसे ये रोबोट मनुष्यों के सभी काम कर सकेंगे। लेकिन ऐसा करने के लिए एआई के बेहतर उपयोग की जरूरत पड़ेगी। उम्मीद है कि एआई में होने वाली हालिया प्रगति से ऐसा संभव हो सकेगा।
चैटजीपीटी वाले मानवीय रोबोट के मॉडल जल्दी ही आ जाएंगे
इलिनोइस में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के एड कोलगेट कहते हैं, 'इस बात को लेकर काफी उम्मीद है कि रोबोटिक्स के लिए चैटजीपीटी-स्तर के मॉडल जल्द ही हमारे सामने होंगे'। अमेरिका और चीन की कई कंपनियां, तो 2025 तक मानव रोबोट से काम करवाने की योजना भी बना रही हैं। कोलगेट कहते हैं कि वैसे तो काफी समय से ह्यूमनॉइड रोबोट हमारे बीच मौजूद हैं, पर वे सुर्खियों में नहीं हैं। कारखानों में जो रोबोट पहले से मौजूद हैं, उन्हें अपने आर्म्स का इस्तेमाल करने का बेहतर अनुभव है।
ओपन एआई, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया से वित्तीय सहायता प्राप्त कैलिफोर्निया स्थित स्टार्टअप ने इस वर्ष बीएमडब्ल्यू फैक्टरी में अपने मानव रोबोट का परीक्षण किया, तथा 2025 में बड़े पैमाने पर तैनाती की योजना बनाई है। टेक्सास स्थित एप्ट्रोनिक अपने अपोलो रोबोट का परीक्षण मर्सिडीज-बेंज संयंत्रों में कर रहा है, जिसका लक्ष्य 2025 के अंत तक रोबोट का व्यावसायीकरण करना है। वहीं दूसरी ओर एलन मस्क ने दावा किया है कि उनकी कंपनी टेस्ला साल 2025 के अंत से पहले ही ऑप्टिमस रोबोट का उत्पादन भी शुरू कर देगी। गोदामों में जल्दी ही ह्यूमनॉइड रोबोट की भरमार होने वाली है। ओरेगन स्थित एजिलिटी रोबोटिक्स ने डिजिटल ह्यूमनॉइड रोबोट का अमेजन फैसिलिटी में न सिर्फ परीक्षण किया, बल्कि इसके जीएक्सओ लॉजिस्टिक्स नामक यूनिट में व्यावसायिक रूप से इससे काम भी लिया जा रहा है। इसकी साल 2025 में सौ और ऐसे ही रोबोट तैयार करके काम में लेने की योजना भी है, जिसकी क्षमता प्रति वर्ष दस हजार रोबोट तक बढ़ाई जा सकेगी।
दुनिया भर में हो रही है मानवीय रोबोट की तैयारी
चीन सरकार ने वर्ष 2025 को मानव सदृश रोबोट नवाचार का वर्ष घोषित किया है, इसके साथ ही दर्जनों कंपनियां अपनी मशीनों को जमीनी स्तर पर उतारने की योजना बना रही हैं। उदाहरण के तौर पर, शंघाई की फूरियर कंपनी पहले ही विनिर्माण सुविधाओं और अनुसंधान संस्थाओं को सौ से ज्यादा ह्यूमनॉइड जीआर-1 रोबोट उपलब्ध करा चुकी है और 2025 में इसे जीआर-2 में अपग्रेड और कई तरह के काम लेने की योजना है। यहां तक कि घरों में भी रोबोट मदद करते दिखेंगे। यूएस-नॉर्वेजियन कंपनी 1 एक्स ने 2025 में पायलट परीक्षणों के दौरान एओं रोबोट की भरेलू काम में मदद करने के लिए तैयार करने की योजना बनाई है। रोबोट और इन्सान तो क्या यह रोबोट से चलने वाली दुनिया की शुरुआत है? शायद नहीं।
पेंसिल्वेनिया में कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के क्रिस एटकेसन कहते हैं कि लोग अब भी सस्ते विकल्पों की तलाश में रहते हैं, ऐसे में इन्सानों के बदले ह्यूमनॉइड रोबोट का चयन करना मुश्किल है। वह कहते हैं, बहुत 'मुझे ऐसे से बड़े अनुप्रयोग नहीं दिखते, जहां मानव सदृश रोबोट का आर्थिक महत्व हो।' एक बेहतर रोबोट ह्यूमनॉइड रूप में अत्यधिक मनोहर तब होता 'है, जब वह हमारे सहयोगी के रूप में हो। ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए अभी भी मानव हाथ की पूरी तरह से नकल करना सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। कोलगेट कहते हैं कि रोबोट अब बहुत बेहतर होते जा रहे हैं, लेकिन इन्सान अपने हाथ का इस्तेमाल बहुत कुछ अपनी समझ के साथ नियंत्रित करके करते हैं। फिलहाल तो यही सच लगता है कि चाहे रोबोट कितने ही खास क्यों न हों, कुछ काम इन्सान खुद ही बेहतर कर सकता है, क्योंकि रोबोट में वह क्षमता कभी हो ही नहीं सकती। हां, अगर एआई 2025 में कुछ कमाल दिखा दे, तो फिर बात ही क्या!