गूगल मैप्स में एलियन का अड्डा? चिली की पहाड़ी पर दिखा रहस्यमयी चेहरा
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:58 PM
गूगल मैप्स पर एक बार फिर कुछ ऐसा दिखा जिसने लोगों को चौंका दिया। इस बार चर्चा में है चिली की एक पहाड़ी चोटी जहां एक यूजर को एक रहस्यमयी चेहरा दिखाई दिया। खुद को यूएफओ हंटर बताने वाले स्कॉट सी वारिंग ने इसे एलियन बेस करार दिया, जिसके बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई क्या ये वाकई किसी एलियन की निशानी है या फिर सिर्फ हमारी आंखों और दिमाग का भ्रम? Mystery Face
क्या वाकई एलियन का चेहरा?
यूएफओ शोधकर्ता वारिंग ने गूगल मैप्स पर 55°32'35"S, 69°15'56"W निर्देशांक पर एक चेहरे जैसी आकृति देखी। उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो शेयर कर दावा किया कि यह किसी एलियन सभ्यता का प्रमाण हो सकता है। इस वीडियो के बाद कई यूजर्स ने उन्हें समर्थन देते हुए कहा कि वे भी पहले कुछ ऐसी संरचनाएं देख चुके हैं जिन्हें वे समझ नहीं पाए थे।
वैज्ञानिकों का जवाब है साफ
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना एक मनोवैज्ञानिक भ्रम का परिणाम है जिसे पैरेइडोलिया (Pareidolia) कहा जाता है। यह एक सामान्य मानसिक प्रक्रिया है जिसमें इंसान बेमतलब या बेतरतीब आकृतियों में भी जाने-पहचाने पैटर्न, जैसे चेहरा, देखने लगता है। लिंकन यूनिवर्सिटी के चेहरे की पहचान विशेषज्ञ डॉ. रॉबिन क्रेमर के अनुसार, हमारा मस्तिष्क विशेष रूप से चेहरों को पहचानने के लिए विकसित हुआ है। यही वजह है कि हम चट्टानों, बादलों या किसी सतह में भी आंख, नाक और मुंह की आकृति देखने लगते हैं even जब वहां असल में कुछ भी नहीं होता।
सुरक्षित रहने की 'प्राचीन' मानसिकता
मैक्वेरी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केविन ब्रुक्स बताते हैं कि यह आदिम मानव की उस सोच का हिस्सा है जिससे वो अपने आस-पास संभावित खतरे या साथी को पहचानते थे यानी यह एक सुरक्षा यंत्र है। हम किसी आकृति को तब तक चेहरा मानते हैं जब तक कि यह साबित न हो जाए कि वह नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की शोधकर्ता डॉ. सुजैन वार्डले के मुताबिक, जो लोग धार्मिक या अलौकिक बातों में विश्वास रखते हैं, वे अक्सर इन पैटर्नों को ‘वास्तविक संकेत’ समझ बैठते हैं। साल 2012 की फिनिश स्टडी के अनुसार, ऐसे लोगों में 'चेहरा' देखने की प्रवृत्ति अधिक होती है even अगर वह महज एक चट्टान हो।
ज्यादातर वैज्ञानिकों की राय यही है कि यह चेहरा कोई एलियन बेस नहीं बल्कि एक भूवैज्ञानिक संरचना है, जिसे हम गलती से चेहरा समझ रहे हैं। विज्ञान के नजरिए से यह सिर्फ एक संयोग है जो गूगल मैप्स की सैटेलाइट इमेजिंग और हमारे दिमाग की संरचना ने मिलकर गढ़ दिया है। यह चेहरा गूगल मैप्स पर एलियन सभ्यता का कोई सबूत नहीं है, बल्कि हमारे दिमाग की एक रोचक चाल है जिसे विज्ञान पैरेइडोलिया कहता है। लेकिन इतना तय है कि इस खोज ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि ब्रह्मांड को देखने के हमारे नजरिए में रहस्य, विज्ञान और कल्पना किस खूबसूरती से आपस में घुल जाते हैं।