अमेरिका ने उठाया रूसी तेल का मुद्दा, भारत और रूस ने दिया स्पष्ट जवाब
भारत
चेतना मंच
16 Oct 2025 04:46 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने भारत के रूसी तेल आयात को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। इस पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए और मामला और गरमाया। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय और रूस के राजदूत ने स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को देश के जनहित में पूरा करने के लिए आयात नीतियाँ बनाता है। उन्होंने कहा, हमारा फोकस हमेशा भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा है। हमारी आयात नीतियां इसी आधार पर निर्धारित की जाती हैं। Delhi News :
रूस का रुख
जायसवाल ने अमेरिका से ऊर्जा सहयोग पर भी बात की और कहा कि पिछले दशक से भारत-यूएस ऊर्जा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने इस दिशा में सहयोग की रुचि दिखाई है और बातचीत जारी है। रूसी एंबेसडर डेनिस अलीपोव ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत रूस से कच्चे तेल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खरीदता है और यह दोनों देशों के बीच लंबी अवधि का व्यापारिक सहयोग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोई रोक नहीं लगाई गई है और भारत रूस से तेल आयात जारी रखेगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अमेरिका के दावे पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से इस मुद्दे पर संवाद किया, लेकिन देश को अभी तक आधिकारिक सूचना नहीं मिली। राहुल गांधी और कांग्रेस ने भी पीएम मोदी पर सवाल उठाए और कहा कि यह देश के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। इस बीच विदेश मंत्रालय और रूस के रुख ने यह स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और बाजार की जरूरतों के अनुसार स्वतंत्र निर्णय लेता है। Delhi News