अमेरिका में भारत का डंका बजाने वाले शशि थरूर का पूरा परिचय
Shashi Tharoor
भारत
RP Raghuvanshi
28 May 2025 09:44 PM
Shashi Tharoor : भारत के प्रसिद्ध सांसद शशि थरूर का नाम खूब चर्चा में है। शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने अमेरिका (America) की धरती पर भारत का डंका बजा दिया है। अमेरिका की धरती पर शशि थरूर ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि भारत का पड़ोसी पाकिस्तान आतंकवाद की फैक्टरी चलाता है। शशि थरूर ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि अगर पाकिस्तान ने फिर कभी भारत पर हमला किया तो जवाब पहले से भी ज्यादा भयानक दिया जाएगा। अमेरिका की धरती पर भारत का डंका बजाने वाले शशि थरूर का पूरा परिचय हम आपको बता रहे हैं।
अमेरिका की धरती पर क्या बोले शशि थरूर
शशि थरूर का परिचय जानने से पहले उनका हाल ही में किया गया काम जान लेना जरूरी है। भारत के राजनेताओं के एक दल का नेतृत्व करते हुए शशि थरूर अमेरिका में हैं। अमेरिका के दौरे पर शशि थरूर ने बहुत बड़ी बात कही है। शशि थरूर ने कहा है कि, भारत केवल अपने देश के भीतर नहीं बल्कि वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक आवाज़ उठा रहा है। उन्होंने कहा, "हम यहां यह बताने आए हैं कि आतंकवादी हमलों ने भारत को कैसे प्रभावित किया है। हमने अमेरिका के नेताओं से बात की और हमें पूर्ण समर्थन मिला। यह लड़ाई केवल भारत की नहीं, बल्कि वैश्विक समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।"
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य कार्रवाइयां हमेशा जवाबी रही हैं। उन्होंने कहा, "जब विभिन्न देशों की सरकारों ने भारत से चिंता जताई, तब हमने स्पष्ट किया कि हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन यदि पाकिस्तान की ओर से उकसावा होता है, तो भारत को मजबूरन जवाब देना ही होगा। उन्होंने बताया कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान की ओर से भारतीय DGMO से संपर्क किया गया, जिससे यह संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में वह पीछे हटना चाहता है।
शशि थरूर ने एक और गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया कि आतंकवादी गुट भारत में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना चाहते थे। उन्होंने कहा, इन आतंकियों की योजना थी कि हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव फैले, लेकिन भारत की जनता ने एकजुटता का परिचय दिया। हमारी सेना की प्रेस ब्रीफिंग में दो महिला अधिकारी थीं, जिनमें से एक मुस्लिम थीं। यह साफ संदेश था कि यह लड़ाई धर्म की नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है। अपनी बात को दमदार ढंग से रखते हुए थरूर ने कहा, "हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन हमारी शांति कमजोरी नहीं है। अगर पाकिस्तान या उसके आतंकी गठजोड़ ने भारत पर दोबारा हमला करने की जुर्रत की तो उन्हें इसका अंजाम पहले से कहीं ज़्यादा भयंकर भुगतना पड़ेगा।
आप भी जान लीजिए शशि थरूर का पूरा परिचय
अब बात करते हैं शशि थरूर के परिचय की। अमेरिका की धरती पर भारत का डंका बजाने वाले शशि थरूर भारत के एक प्रसिद्ध राजनेता हैं। शशि थरूर का जन्म 9 मार्च 1956 को लंदन, इंग्लैंड में हुआ था। उनके पिता चंद्रन थरूर एक पत्रकार थे और परिवार बाद में भारत लौट आया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई और कोलकाता में प्राप्त की। 1975 में, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने अमेरिका के टफ्ट्स विश्वविद्यालय के फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी से 1978 में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की और उस समय वे इस स्कूल से डॉक्टरेट प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने।
संयुक्त राष्ट्र में करियर
1978 में, थरूर ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (UNHCR) में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने सिंगापुर, जेनेवा और न्यूयॉर्क में विभिन्न पदों पर कार्य किया। 2001 में, उन्हें संयुक्त राष्ट्र के संचार और सार्वजनिक सूचना विभाग के अवर महासचिव (Under-Secretary-General) के पद पर नियुक्त किया गया। 2006 में, भारत सरकार ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए नामित किया, जिसमें वे दक्षिण कोरिया के बान की मून के बाद दूसरे स्थान पर रहे।
भारतीय राजनीति में प्रवेश
संयुक्त राष्ट्र से सेवानिवृत्ति के बाद, थरूर ने 2009 में भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं और उन्होंने विदेश राज्य मंत्री (2009–2010) और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री (2012–2014) के रूप में कार्य किया। वर्तमान में, वे लोकसभा में तिरुवनंतपुरम का प्रतिनिधित्व करते हैं और संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं।
साहित्यिक योगदान
शशि थरूर एक प्रतिष्ठित लेखक हैं और उन्होंने 25 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें "The Great Indian Novel", "Why I Am a Hindu", "Inglorious Empire", "The Paradoxical Prime Minister", "Ambedkar: A Life" और "Nehru: The Invention of India" शामिल हैं। उनकी लेखनी में भारतीय राजनीति, इतिहास, धर्म और संस्कृति पर गहरी अंतर्दृष्टि देखने को मिलती है।
पुरस्कार और सम्मान
थरूर को उनके साहित्यिक और सार्वजनिक सेवा कार्यों के लिए कई पुरस्कार मिले हैं, जिनमें 2004 में प्रवासी भारतीय सम्मान, 2019 में साहित्य अकादमी पुरस्कार (उनकी पुस्तक "An Era of Darkness" के लिए), और 1998 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा "Global Leader of Tomorrow" का सम्मान शामिल है।
व्यक्तिगत जीवन
थरूर का विवाह तीन बार हुआ है—पहली पत्नी तिलोत्तमा मुखर्जी, दूसरी क्रिस्टा जाइल्स और तीसरी स्वर्गीय सुनंदा पुष्कर। उनके दो पुत्र हैं। वे हिंदू धर्म में विश्वास रखते हैं और केरल के नायर समुदाय से संबंध रखते हैं।
शशि थरूर का जीवन भारतीय राजनीति, कूटनीति और साहित्य में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी बहुआयामी प्रतिभा और वैश्विक दृष्टिकोण उन्हें एक अद्वितीय सार्वजनिक व्यक्तित्व बनाते हैं। यदि आप उनके साहित्यिक कार्यों या राजनीतिक विचारों के बारे में और जानना चाहते हैं, तो मैं सहायता करने के लिए उपलब्ध हूं। Shashi Tharoor