रूस के पास उड़ते ही विमानों के जीपीएस सिग्नल हो जाते हैं जाम, ईयू अध्यक्ष हुए शिकार
भारत
RP Raghuvanshi
25 Sep 2025 01:05 PM
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गारिटा रोबल्स का सैन्य विमान बुधवार को लिथुआनिया जाते समय रूस के कलिनिनग्राद इलाके के पास उड़ते हुए जीपीएस सिस्टम में गड़बड़ी का शिकार हो गया। स्पेनिश अधिकारियों ने बताया कि कलिनिनग्राद के पास ऐसी समस्या आम है। ऐसा ही मामला सितंबर की शुरुआत में यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उसुला वॉन डेर लेयेन के विमान के साथ भी सामने आया था। उस समय पायलटों को नक्शे और बैकअप सिस्टम का सहारा लेकर विमान सुरक्षित उतारना पड़ा। GPS Signal Jamming :
जंग के बाद बढ़ीं ऐसी घटनाएं
ईयू ने सीधे रूस को दोषी ठहराया और जीपीएस सिग्नल में दिक्कतों से जुड़ी कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस यूरोपीय हवाई क्षेत्र में भ्रम फैलाने और भय पैदा करने के लिए जीपीएस जैमिंग कर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय हवाई क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं में तेजी आई है। इंटरनेशनल सिविल एविएशन आॅर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के पहले चार महीनों में रूस की हरकतों की वजह से 1,23,000 विमानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्वीडिश एविएशन विभाग के चीफ एंड्रियास होल्मग्रेन के अनुसार, अकेले अप्रैल में ही इस क्षेत्र में 27.4% फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा, यह गंभीर स्थिति है और हमें लगातार ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जीपीएस सिग्नल में रुकावट क्यों आती है
जीपीएस सैटेलाइट कमजोर रेडियो सिग्नल भेजते हैं, जिन्हें रिसीवर धरती पर पकड़ता है और लोकेशन बताता है। अगर कोई उपकरण उसी या पास की फ्रीक्वेंसी पर तेज सिग्नल भेजे, तो असली सिग्नल दब जाते हैं इसे जैमिंग कहते हैं। जैमिंग से रिसीवर सिग्नल खो देता है या गलत लोकेशन दिखाने लगता है। सामान्यत: जैमर उपकरण सीमित दूरी तक ही असर डालते हैं। कभी-कभी सौर तूफान जैसी प्राकृतिक घटनाओं से भी सिग्नल गड़बड़ हो सकते हैं। अधिकांश देशों में सिग्नल जाम करना अवैध है और इसका पता लगाना तकनीकी रूप से आसान होता है।