
Bitcoin : Cryptocurrency की दुनिया का बेताज बादशाह Bitcoin एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी कुछ पैसों में मिलने वाला यह डिजिटल टोकन अब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत पर ट्रेड कर रहा है। शुक्रवार को बिटकॉइन ने तेज़ी से छलांग लगाते हुए $1,16,906.22 का नया रिकॉर्ड बना दिया, जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹1 करोड़ से अधिक है। निवेश के क्षेत्र में यह उछाल न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि यह दर्शाता है कि Bitcoin अब केवल एक डिजिटल संपत्ति नहीं, बल्कि आर्थिक संभावनाओं की नई परिभाषा बन चुका है।
कल्पना कीजिए, अगर आपने साल 2009 में महज ₹2.25 में एक बिटकॉइन खरीदा होता, तो आज आपके खाते में ₹1 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति होती। उस समय बिटकॉइन की कीमत थी सिर्फ $0.04865, और डॉलर-रुपया विनिमय दर थी लगभग ₹46 प्रति डॉलर। वहीं आज बिटकॉइन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए ₹1,00,36,400 तक की कीमत छू ली है — मौजूदा डॉलर रेट ₹85.85 के अनुसार। यानी 15 वर्षों में इस डिजिटल करेंसी ने करीब 44.80 लाख गुना का रिटर्न दिया है। इसे प्रतिशत में देखें तो यह आंकड़ा 4,460,00,000% से भी ज्यादा बैठता है। ऐसे रिटर्न की उम्मीद न तो शेयर बाजार से की जा सकती है, न ही म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे पारंपरिक निवेश साधनों से। यही कारण है कि बिटकॉइन को आज ‘डिजिटल गोल्ड’ कहा जाने लगा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Bitcoin की कीमतों में यह जबरदस्त उछाल सिर्फ तकनीकी पहलुओं या निवेशकों की भावना का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई वैश्विक कारक सक्रिय हैं । बाययूकॉइन के सीईओ शिवम ठकराल के अनुसार, बिटकॉइन को अब संस्थागत स्तर पर व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है। क्रिप्टो मार्केट में भरोसे की वापसी के पीछे कई अहम वजहें हैं। मजबूत ETF फंडिंग का प्रवाह, बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की सक्रिय भागीदारी, और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्रिप्टो के समर्थन में दिए गए सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों की उम्मीदों को बल दिया है। वहीं, S&P ग्लोबल इंडेक्स में कॉइनबेस जैसी प्रमुख क्रिप्टो कंपनियों की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल करेंसी अब मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है। इन तमाम कारकों ने बिटकॉइन समेत पूरे क्रिप्टो बाजार में नई ऊर्जा भर दी है।
Pi42 के को-फाउंडर अविनाश शेखर का मानना है कि बाजार मंदी से निकल चुका है और तेजी का अगला दौर अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल की ट्रेडिंग गतिविधियों से यह स्पष्ट हो चुका है कि क्रिप्टो अब सिर्फ युवा निवेशकों का जुआ नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर और दीर्घकालिक निवेश विकल्प बन चुका है। CoinMarketCap के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन की ट्रेडिंग वॉल्यूम में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। कुल मार्केट कैप 2.232 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े निवेश उत्पादों की कतार में खड़ा करता है। Bitcoin