भारत के लिए नया सुरक्षा संकट! चीन-पाक और बांग्लादेश की तिकड़ी से खतरे की आहट
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 09:08 AM
Internatioanl News : भारत की रक्षा नीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है और इस बार चुनौती सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि रणनीतिक मोर्चों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। दिल्ली में एक रणनीतिक थिंक टैंक के कार्यक्रम में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने साफ और सख्त चेतावनी दी कि अगर चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ता सैन्य और रणनीतिक तालमेल यूं ही जारी रहा, तो यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
परमाणु संघर्ष की ‘रेड लाइन’ और भारत की दो टूक नीति
जनरल चौहान ने मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच 7 से 10 मई तक चले सैन्य तनाव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार था जब दो परमाणु हथियारों से लैस देश खुले टकराव की ओर बढ़े। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी भी परमाणु धमकी या ब्लैकमेल के आगे कभी नहीं झुकेगा।
सैन्य गठबंधन या भारत के खिलाफ मोर्चा?
सीडीएस के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान ने अपने 70 से 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीन से खरीदे हैं। यह आंकड़ा केवल व्यापारिक संबंध नहीं, बल्कि चीन-पाक के बीच बन रहे सैन्य नेक्सस का साफ संकेत देता है। उन्होंने बताया कि चीनी रक्षा कंपनियों के पाकिस्तान में सीधे हित हैं, जो इस रणनीतिक गठजोड़ को और खतरनाक बनाते हैं।
बांग्लादेश की जमीन पर प्रॉक्सी वॉर की तैयारी?
चीन-पाक गठजोड़ से भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि अब बांग्लादेश को तीसरे मोर्चे के तौर पर इस्तेमाल करने की साजिशें सामने आ रही हैं। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबानी संगठनों की बांग्लादेश में उपस्थिति और ISI की सक्रियता भारत की पूर्वोत्तर सीमा को अस्थिर करने की कोशिश का हिस्सा है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान अब भारत से सीधे टकराने से बच रहा है और ‘प्रॉक्सी वॉर’ के जरिए पीछे से हमला करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
अब भारत बदलेगा खेल
जनरल चौहान का यह बयान सिर्फ चेतावनी नहीं बल्कि भारत की बदली हुई सैन्य सोच का एलान भी है। आज का भारत ना केवल जवाब देने में सक्षम है, बल्कि रणनीतिक रूप से आक्रामक कदम उठाने को भी तैयार है। हर मोर्चे पर तैयारी है चाहे वह कूटनीति हो, तकनीकी सैन्य सशस्त्र बल या फिर सीमा पार की गतिविधियों का प्रभावशाली जवाब। Internatioanl News