फोन बंद, सड़के सूनी, पीओके में 3 हजार सैनिक तैनात, स्थानीय लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
भारत
चेतना मंच
29 Sep 2025 01:01 PM
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। स्थानीय नागरिकों और सरकार के बीच जारी विवाद ने पूरे क्षेत्र को हड़ताल की ओर धकेल दिया है। 29 सितंबर से पब्लिक एक्शन कमेटी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया, जिसका असर सोमवार से स्पष्ट रूप से देखने को मिला। पीओके की सड़कों पर तैनात सैनिकों और बंद मोबाइल इंटरनेट के बीच स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर ठप पड़े हैं। Islamabad/Muzaffarabad :
सरकार के समक्ष रखी अपनी मांगे
बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिक एक्शन कमेटी ने 25 सितंबर को सरकार से अपनी मांगें रखीं, जिसमें स्थानीय सरकार के अधिकार सीमित करने और वीआईपी व्यवस्था समाप्त करने की मांग प्रमुख थी। प्रदर्शन का नेतृत्व शौकत अली मीर कर रहे हैं। मीर ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने पीओके के लोगों को लंबे समय तक उपेक्षा और कठिनाई में रखा है और अब बदलाव का समय आ गया है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
* पीओके विधानसभा में प्रवासियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना।
* शासन के प्रमुख अधिकारियों का भत्ता और वीआईपी कल्चर खत्म करना।
* जल विद्युत परियोजनाओं की रॉयल्टी का भुगतान सुनिश्चित करना।
* भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर नियंत्रण।
3 हजार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती
सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद से 3 हजार अतिरिक्त सैनिक पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद भेजे हैं। पहले से ही तैनात स्थानीय जवान भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और समान वेतन तथा भत्ते की मांग कर रहे थे। स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है, और क्षेत्र में आम जीवन प्रभावित हो रहा है।