इजराइली संसद में ट्रंप के भाषण के दौरान हंगामा : दो सांसदों ने किया विरोध
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 03:18 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजराइल की संसद में संबोधन दे रहे थे, तभी दो सांसदों एमान ओदेह और ओफर कासिफ ने भाषण के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने ट्रंप के सामने नरसंहार का संकेत दिखाया और उनकी ओर बढ़ने लगे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया और संसद से बाहर कर दिया। ओदेह ने अपने हाथ में तख्ती दिखाते हुए लिखा था, फिलिस्तीन को मान्यता दो। ओफर कासिफ ने भी विरोध करने की कोशिश की, लेकिन दोनों सांसदों को संसद से जबरन बाहर निकाला गया। इस घटना के बावजूद ट्रंप ने कहा कि यह कारगर तरीका है और अपना भाषण जारी रखा। Israeli Parliament :
ट्रंप ने नेतन्याहू की तारीफ की
ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बहादुरी और देशभक्ति की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू की मदद से यह दिन संभव हो पाया। ट्रंप ने कहा, यह आदमी आसान नहीं है, लेकिन यही उसे बड़ा बनाता है। ट्रंप ने उन अरब और मुस्लिम देशों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने हमास पर दबाव डालकर बंधकों को रिहा कराने में मदद की। उन्होंने कहा कि यह इजराइल के लिए इतिहासिक जीत है और यह समय मध्य पूर्व में शांति की शुरुआत के लिए याद रखा जाएगा।
नेतन्याहू का संदेश
ट्रंप से पहले नेतन्याहू ने संसद में कहा कि वे उन सैनिकों की शहादत और उनके परिवारों के दुख को समझते हैं। उन्होंने एरी स्पिट्ज नामक सैनिक का उदाहरण दिया, जिसने लड़ाई में अपने दोनों पैर और एक हाथ खो दिया। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल कभी भी दुश्मनों के सामने कमजोर नहीं होगा और 7 अक्टूबर का हमला इस बात का प्रमाण है कि इजराइल हमेशा के लिए मजबूत और सुरक्षित रहेगा। संसद में हुए विरोध के बावजूद ट्रंप और नेतन्याहू का संदेश स्पष्ट रहा कि इजराइल की शक्ति और दृढ़ता शांति की असली नींव है, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही भविष्य में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है।