सलमान खान की जुबान क्या फिसली पाकिस्तान में आग लग गई
भारत
चेतना मंच
19 Oct 2025 06:47 PM
सऊदी अरब के रियाद में आयोजित Joy Forum 2025 बॉलीवुड के इतिहास का यादगार पल बन गया, जब एक ही मंच पर तीनों खानों सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान ने साथ शिरकत की। तीनों सुपरस्टार्स ने भारतीय सिनेमा के वैश्विक प्रभाव, नई तकनीक और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। लेकिन चर्चा का केंद्र बना सलमान खान का बलूचिस्तान पर दिया गया बयान, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक हलचल मचा दी। Joy Forum 2025 :
क्या बोले सलमान खान?
कार्यक्रम में जब सलमान भारतीय फिल्मों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता पर बात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि अगर आप कोई हिंदी फिल्म बनाते हैं और यहाँ (सऊदी अरब में) रिलीज करते हैं, तो यह सुपरहिट हो जाएगी। तमिल, तेलुगू या मलयाली फिल्में भी सैकड़ों करोड़ कमा रही हैं, क्योंकि यहाँ कई देशों के लोग आए हैं जैसे बलूचिस्तान के लोग, अफगानिस्तान के लोग, पाकिस्तान के लोग, सभी यहाँ काम करते हैं। बस, सलमान खान की इसी लाइन ने बवंडर खड़ा कर दिया। सलमान ने बलूचिस्तान और पाकिस्तान को अलग-अलग इकाई के रूप में उल्लेख किया और यही बात सोशल मीडिया पर लोगों को चौंका गई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कुछ यूजर्स ने सलमान के बयान को राजनीतिक संकेत बताया। एक यूजर बिलाल बलोच ने लिखा कि आखिरकार सलमान खान ने मान लिया कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। दूसरी तरफ कई लोगों ने इसे स्लिप आफ टंग यानी अनजाने में हुई गलती कहा। कई ने यह भी लिखा कि सलमान खान राजनीतिक बयान देने वालों में नहीं हैं, इसलिए इसे अधिक गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
मीडिया और विश्लेषकों की राय
मनोरंजन पत्रकारों का मानना है कि सलमान का यह बयान कंटेक्चुअल था। वह केवल यह बताना चाह रहे थे कि सऊदी अरब में अलग-अलग देशों के लोग रहते और काम करते हैं, जिनमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान से आए प्रवासी भी शामिल हैं। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि बलूचिस्तान का अलग उल्लेख पाकिस्तान में संवेदनशील मुद्दा है, जहाँ बलूच अलगाववादी लंबे समय से आजादी की मांग कर रहे हैं। इस वजह से बयान का असर केवल सिनेमा तक सीमित नहीं रहेगा यह राजनैतिक विमर्श को भी छू सकता है।
बलूचिस्तान का संदर्भ क्यों संवेदनशील है?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन दशकों से वहां विद्रोह, मानवाधिकार हनन और अलगाववाद की आवाजें उठती रही हैं। भारत-पाक विभाजन के बाद इस क्षेत्र का जबरन पाकिस्तान में विलय किया गया था। कई बार पाकिस्तानी सरकार पर बलूच नेताओं ने दमन और शोषण के आरोप लगाए हैं। इस पृष्ठभूमि में अगर कोई अंतरराष्ट्रीय मंच पर बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग उल्लेख करता है, तो उसे राजनैतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है।
बॉलीवुड और राजनीति की रेखा
यह पहली बार नहीं है जब किसी बॉलीवुड स्टार के बयान ने सीमापार बहस को जन्म दिया हो। पहले भी शाहरुख खान, आमिर खान या प्रियंका चोपड़ा जैसे सितारे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिए गए बयानों को लेकर विवादों में घिर चुके हैं। सलमान खान आमतौर पर राजनीति से दूरी बनाकर रखते हैं, लेकिन उनका यह बयान दर्शाता है कि सार्वजनिक मंचों पर शब्दों की जरा सी चूक भी बड़ी चर्चा में बदल सकती है। अभी तक सलमान खान या उनकी टीम की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोग इसे साहसिक वक्तव्य बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे महज गलती मान रहे हैं। फिलहाल इतना तय है कि Joy Forum 2025 का यह क्षण भारतीय सिनेमा की चर्चा से ज्यादा राजनैतिक बहस का हिस्सा बन गया है।