
Pakistan News : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने एक सनसनीखेज दावा किया है। उनका कहना है कि उनके बेटों को अपने पिता से मिलने की कोशिश करने पर पाकिस्तान में गिरफ्तार किए जाने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, उन्हें इमरान खान से फोन पर भी बातचीत की अनुमति नहीं है।
जेमिमा, जो ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार हैं, लंदन के ऑक्सफोर्डशायर में रहती हैं। उन्होंने 1995 में इमरान खान से निकाह किया था, लेकिन दोनों का विवाह लंबे समय तक नहीं चल पाया। तलाक के बाद से दोनों बेटे — सुलेमान और कासिम — अपनी मां के साथ ब्रिटेन में रह रहे हैं।
10 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में जेमिमा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अधिकारी उनके बेटों को अपने पिता से बात तक नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, यहां तक कि फोन पर भी संपर्क करने की इजाज़त नहीं है। मेरे बेटों को धमकाया गया है कि अगर वे अपने पिता से मिलने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है। यह स्थिति बुनियादी मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। उनके बेटे कासिम खान ने भी मां के दावे की पुष्टि की है।
इमरान खान बीते दो वर्षों से एकांत कारावास में बंद हैं और उन पर अनेक आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं। जेमिमा का आरोप है कि यह सब "राजनीतिक प्रतिशोध" की भावना से किया जा रहा है। पंजाब प्रांत के आवास मंत्री बिलाल यासीन ने जेमिमा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इमरान के बेटे पाकिस्तान लौटने की तैयारी कर रहे हैं और उर्दू सीख रहे हैं। हम सुलेमान, कासिम और उनकी बहन टायरियन का स्वागत करेंगे। लेकिन पीटीआई नेतृत्व इस पूरे मामले को जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए एक नया नाटक बना रहा है।
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता और सीनेटर इरफान सिद्दीकी ने व्यंग्य करते हुए कहा, इमरान के बेटे संवैधानिक रूप से राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन अगर वे पाकिस्तान आते हैं, तो उन्हें यहां की गर्मी तो झेलनी पड़ेगी — जेल के दरवाज़े नहीं खुलेंगे। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के करीबी और सलाहकार राणा सनाउल्लाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कोई भी विदेशी नागरिक या दोहरी नागरिकता धारक अगर अशांति फैलाने या कानून व्यवस्था बाधित करने के मकसद से पाकिस्तान आता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीएमएल-एन के कानूनी सलाहकार बैरिस्टर अकील मलिक ने भी चेतावनी दी कि यदि कोई विदेशी नागरिक या दोहरी नागरिकता वाला व्यक्ति पाकिस्तान में राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए वीजा की मांग करता है, तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पाकिस्तान की राजनीतिक प्रणाली में विदेशी हस्तक्षेप न हो । Pakistan News