पॉलिटिक्स की पिच से फाइनेंस की फील्ड पर पहुंचे ऋषि सुनक, किया शानदार कमबैक
Rishi Sunak
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:17 PM
Rishi Sunak : ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अब एक बार फिर कॉर्पोरेट दुनिया में लौट आए हैं। प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ महीने बाद ही ऋषि सुनक ने अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैश में बतौर एडवाइजर नई भूमिका संभाल ली है। वे इस पद पर पार्ट-टाइम काम करेंगे और अपने राजनीतिक, आर्थिक व वैश्विक अनुभवों से कंपनी के ग्राहकों को सलाह देंगे।
ऋषि सुनक ने की पुरानी जगह पर वापसी
गोल्डमैन सैश में ऋषि सुनक की यह दूसरी पारी है। साल 2000 में उन्होंने बतौर ट्रेनी बैंक में काम शुरू किया था और फिर 2001 से 2004 तक एनालिस्ट के रूप में सेवाएं दी थीं। अब लगभग दो दशक बाद, वे बैंक में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में लौटे हैं। गोल्डमैन सैश के चेयरमैन और सीईओ डेविड सोलोमन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम ऋषि की वापसी से बेहद उत्साहित हैं। उनके अनुभव और दृष्टिकोण से न केवल हमारे ग्राहक लाभान्वित होंगे, बल्कि हमारी टीम का सीखने और विकसित होने का माहौल भी और मजबूत होगा।”
क्या होगी भूमिका?
ऋषि सुनक अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे मुद्दों पर बैंक के प्रमुख ग्राहकों को रणनीतिक सलाह देंगे। उनकी विशेषज्ञता मैक्रो इकोनॉमिक ट्रेंड्स विश्लेषण पर केंद्रित होगी। सुनक, बैंक की शीर्ष नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे और क्लाइंट्स को बेहतर सेवा देने में सहयोग करेंगे। इस नौकरी के लिए सुनक को मिलने वाली सैलरी सीधे रिचमंड प्रोजेक्ट चैरिटी को दान की जाएगी, जिसकी स्थापना उन्होंने अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ मिलकर की है। यह संगठन यूके में सामाजिक सुधार के क्षेत्र में काम करता है।
शर्तें और सीमाएं भी तय
ब्रिटेन की एडवाइजरी कमेटी ऑन बिजनेस अपॉइंटमेंट्स (ACOBA) ने ऋषि सुनक की इस भूमिका पर कुछ शर्तें लगाई हैं ताकि हितों का टकराव न हो। उन्हें अन्य सरकारों के वेल्थ फंड्स या उन ग्राहकों को सलाह देने की इजाजत नहीं होगी, जिनसे प्रधानमंत्री रहते हुए उनका संपर्क रहा हो। वह कंपनी की ओर से ब्रिटिश सरकार से किसी भी प्रकार की लॉबिंग नहीं कर सकते। ACOBA ने बताया कि सांसद बनने से पहले सुनक ने 14 वर्षों तक वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम किया था, जिसमें गोल्डमैन सैश भी शामिल है।
राजनीति से लेकर वैश्विक मंच तक
सुनक ने 2015 में सांसद के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। कोरोना काल में बतौर चांसलर वे चर्चा में आए, जब उन्होंने राहत योजनाओं की घोषणा कर देशभर में लोकप्रियता पाई। बोरिस जॉनसन सरकार से उनके इस्तीफे ने जुलाई 2022 में सत्ता समीकरण बदल दिए। बाद में, लिज ट्रस के संक्षिप्त कार्यकाल के बाद ऋषि सुनक अक्टूबर 2022 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने और जुलाई 2024 तक इस पद पर रहे।
अन्य संस्थानों से भी जुड़े
गोल्डमैन सैश के अलावा ऋषि सुनक ने जनवरी 2025 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्लावात्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट और अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के हूवर इंस्टीट्यूशन से भी जुड़ाव किया है। हालांकि इन दोनों संस्थानों से उन्हें कोई सैलरी नहीं मिलती, लेकिन अप्रैल से लेकर अब तक वह तीन भाषणों के लिए 5 लाख पाउंड (करीब 5 करोड़ रुपये) की फीस ले चुके हैं। Rishi Sunak