
Pakistan News : पाकिस्तान में सियासी तापमान एक बार फिर उबाल पर है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे अगर अगले महीने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने पाकिस्तान आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है — सरकार की ओर से आई इस चेतावनी ने राजनीतिक हलकों में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के केंद्र में अब इमरान खान के बेटे सुलेमान और कासिम आ गए हैं। 5 अगस्त से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) द्वारा घोषित 'इमरान खान फ्री मूवमेंट' में उनकी संभावित भागीदारी को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि "अगर ये दोनों पाकिस्तान आकर किसी तरह की अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इमरान खान जेल में घायल थे, तब उनके बेटे पाकिस्तान क्यों नहीं आए? अब अचानक उन्हें यहां आने की याद क्यों आ रही है?"—यह टिप्पणी खुद बताती है कि मामला राजनीतिक से ज्यादा व्यक्तिगत होता जा रहा है।
इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेरे बेटों को अपने पिता से बात करने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। अब धमकी दी जा रही है कि अगर वे पाकिस्तान आए तो उन्हें भी जेल में डाल दिया जाएगा। यह राजनीति नहीं, बल्कि निजी प्रतिशोध है।"
गौरतलब है कि इमरान खान दो साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं, और उन्हें एकांतवास में रखा गया है। उनके वकीलों और परिवार से मिलने तक पर रोक लगी हुई है।
प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार राना सनाउल्लाह और खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने दोहराया कि "कानून सब पर एक समान लागू होता है।" उनका कहना है कि अगर इमरान के बेटे किसी अवैध या हिंसक गतिविधि में शामिल होते हैं तो गिरफ्तारी निश्चित है।
इमरान खान के बेटे कासिम ने सोशल मीडिया पर कहा, "मेरे पिता को वकील, डॉक्टर और अपने परिवार तक से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यह न्याय नहीं, बल्कि एक साजिश है जिससे एक ऐसे नेता को तोड़ा जा सके, जिसने हमेशा लोकतंत्र और कानून की बात की है। Pakistan News