
America News : अमेरिका में संघीय कर्मचारियों की छंटनी को लेकर चल रही कानूनी रस्साकशी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए संघीय कार्यबल में कटौती और कुछ सरकारी एजेंसियों को खत्म करने की ट्रंप की योजना पर लगी न्यायिक रोक को हटा दिया। इस निर्णय के साथ ही अब ट्रंप के लिए संघीय कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उस योजना पर रोक लगा दी थी, जिसमें व्हाइट हाउस के सरकारी दक्षता विभाग के तहत विभिन्न एजेंसियों में छंटनी की बात कही गई थी। लेकिन न्याय विभाग की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया, जिससे ट्रंप के प्रशासन को अपनी नीतियों को लागू करने की खुली छूट मिल गई।
द न्यूयॉर्क टाइम्स और सीबीएस न्यूज के मुताबिक, इस फैसले का असर हजारों संघीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनमें आवास एवं शहरी विकास विभाग, विदेश विभाग और वित्त विभाग जैसी प्रमुख एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश भले ही फिलहाल अंतरिम हो, लेकिन इससे ट्रंप को अपनी योजनाओं को लागू करने का कानूनी आधार मिल गया है।
फरवरी में ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए संघीय एजेंसियों को स्टाफ कटौती की योजनाएं बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद कार्मिक प्रबंधन कार्यालय (OPM) और बजट प्रबंधन कार्यालय (OMB) में तेजी से गतिविधियां शुरू हुईं। लेकिन मई में एक संघीय न्यायाधीश ने इस योजना पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसके खिलाफ ट्रंप प्रशासन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "सुप्रीम कोर्ट ने उन निचली अदालतों को करारा जवाब दिया है, जो राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश कर रही थीं। अब संघीय एजेंसियां अधिक कुशल और प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी।
वहीं दूसरी ओर, इस फैसले को लेकर श्रमिक संघों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय निकायों के गठबंधन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक साझा बयान में कहा गया, “यह फैसला हमारे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक गंभीर झटका है। जिन सेवाओं पर अमेरिकी आमजन निर्भर हैं, वे अब संकट में हैं। बिना कांग्रेस की अनुमति के कर्मचारियों की मनमानी छंटनी संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है। America News