भारत पर ट्रंप का तीखा हमला : दवाओं पर 250% टैरिफ लगाने की चेतावनी, सेमीकंडक्टर भी निशाने पर
भारत
चेतना मंच
06 Aug 2025 01:08 PM
Trump Tariffs : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को सीधे निशाने पर लेते हुए कड़े आर्थिक कदमों की चेतावनी दी है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि वे फिर से सत्ता में लौटते हैं, तो फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत से होने वाले आयात पर भारी-भरकम शुल्क लगाएंगे। उन्होंने कहा कि दवाओं पर टैरिफ की दर अगले एक से डेढ़ साल में 250% तक पहुंच सकती है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया नेटवर्क सीएनबीसी को दिए गए इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा, "हम शुरुआत में फार्मास्युटिकल उत्पादों पर थोड़ा टैरिफ लगाएंगे, लेकिन अगले कुछ महीनों में यह बढ़कर 150% और फिर 250% तक जा सकता है। हमारा मकसद साफ है दवाओं का निर्माण अमेरिका में ही हो।"
सेमीकंडक्टर पर भी लगेगा टैक्स
इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी कहा कि वे जल्द ही सेमीकंडक्टर और चिप्स पर भी नए टैरिफ की घोषणा करेंगे। हालांकि इस पर उन्होंने अधिक विवरण साझा नहीं किया, लेकिन यह साफ है कि चीन के साथ-साथ अब भारत भी उनकी अर्थव्यवस्था को अमेरिकी बनाने की नीति का सीधा शिकार बन रहा है। भारत वर्तमान में फार्मा के साथ-साथ सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी अपनी वैश्विक भूमिका तेजी से मजबूत कर रहा है।
भारत "अच्छा साझेदार नहीं" : ट्रंप
ट्रंप ने भारत को लेकर तल्ख लहजे में कहा, भारत व्यापार के मामले में अमेरिका का अच्छा साझेदार नहीं रहा है। वे हमसे बहुत ज्यादा निर्यात करते हैं, लेकिन हमें उनके बाजार में वैसी पहुंच नहीं मिलती। उन्होंने भारत पर पहले से ही भारी टैरिफ लगाने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका भी अब 25% से आगे बढ़कर शुल्क बढ़ाने जा रहा है।
रूस से तेल खरीद पर भी सख्त ऐतराज
भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर ट्रंप खासे नाराज नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस की "जंगी मशीन" को ईंधन मुहैया करा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर भारत ऐसा करता रहा, तो अमेरिका को यह कतई मंजूर नहीं होगा और इसके गंभीर आर्थिक नतीजे होंगे।
भारत ने किया करारा पलटवार
ट्रंप के बयानों के कुछ ही घंटे बाद भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ पर तीखा पलटवार किया। भारत ने कहा कि वह रूस से तेल खरीदने के अपने निर्णय पर कायम है और पश्चिमी देशों की दोहरी नीति को उजागर किया। भारत ने यह भी बताया कि खुद अमेरिका और यूरोप के कई देश अब भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं, ऐसे में भारत को निशाना बनाना पूरी तरह अनुचित और दोगली राजनीति है।
ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति फिर चर्चा में
ट्रंप के ये बयान उनकी पुरानी अमेरिका फर्स्ट नीति की वापसी का संकेत देते हैं। राष्ट्रपति रहते हुए भी उन्होंने भारत, चीन और अन्य देशों से आने वाले आयात पर भारी शुल्क लगाए थे। अब चुनावी मौसम में वे एक बार फिर घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी आयात पर लगाम लगाने की रणनीति के तहत भारत जैसे बड़े निर्यातकों पर शिकंजा कसने की बात कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। यदि वे फिर से सत्ता में लौटते हैं, तो भारतीय उद्योगों के लिए अमेरिका का बाजार और अधिक जटिल हो सकता है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों में और तल्खी देखी जा सकती है।