
Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने आक्रामक रुख और साहसिक फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने संघीय कर्मचारियों के ढांचे में बड़े बदलाव की ओर कदम बढ़ाया है। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि वे उन सरकारी कर्मचारियों को हटाने के पक्ष में हैं जो राष्ट्रपति की नीतियों को लागू करने में सहयोग नहीं करते या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं।
ट्रंप पहले ही एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जो अब प्रभाव में आ चुका है।
इस आदेश के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार होगा कि वह उन कर्मचारियों को हटाए जो नीति निर्धारण में बाधा बनते हैं।
ट्रंप का मानना है कि संघीय सरकार को एक व्यवसाय की तरह चलाया जाना चाहिए, जहां प्रदर्शन और जवाबदेही सर्वोपरि हो।
उन्होंने लिखा, “यदि कर्मचारी राष्ट्रपति की नीति को लागू करने से इनकार करते हैं या भ्रष्ट हैं, तो उन्हें नौकरी पर नहीं रहना चाहिए।”
प्रशासन के अनुसार, इस बदलाव से कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में गतिशीलता आएगी।
अब उच्च स्तर पर नीति बनाने वाले कर्मचारियों को बदलना आसान हो जाएगा।
ट्रंप समर्थकों का मानना है कि यह कदम उनके पहले कार्यकाल में बाधा बनी "डीप स्टेट" को कमजोर करेगा।
वहीं आलोचकों का दावा है कि इससे राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा और सरकारी मशीनरी की निष्पक्षता प्रभावित होगी।
कई श्रमिक संघों और राजनीतिक विरोधियों ने इस नीति को संघीय कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
वे कहते हैं कि यह सरकार की राजनीतिकरण की कोशिश है, जिससे निष्पक्षता और स्वतंत्रता खतरे में पड़ सकती है। Trump :