
अमेरिका के सबसे महंगे और राजनीतिक रूप से संवेदनशील शहर न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के कैंडिडेट जोहरान ममदानी ने इतिहास रच दिया है। 34 वर्षीय ममदानी न केवल शहर के सबसे कम उम्र के मेयर बने हैं, बल्कि वे न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर भी हैं। ट्रंप के विरोध और यहूदी-विरोधी आरोपों के बावजूद, ममदानी ने अपने जमीन स्तर के अभियान और व्यापक जनसमर्थन के दम पर जीत हासिल की। ममदानी ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन कर्टिस स्लीवा को हराकर मेयर की दौड़ में जीत दर्ज की। जीत के बाद उनके हेडक्वार्टर के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया और ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे नारे लगाए। Zohran Mamdani
चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ममदानी का विरोध किया और उनके समर्थन में एंड्रयू कुओमो का प्रचार किया। ट्रंप ने ममदानी पर यहूदी-विरोधी होने का आरोप भी लगाया। इसके बावजूद ममदानी ने जनता से डर और राजनीतिक दबाव को नजरअंदाज करने की अपील की। ममदानी ने कहा, “यह कानून नहीं, डराने-धमकाने की रणनीति है। हम दबेंगे नहीं। अब समय है उन लोगों के खिलाफ खड़े होने का, जो हमारे शहर और भविष्य को नियंत्रित करने के लिए धमकियां दे रहे हैं। Zohran Mamdani
1. सोशल मीडिया और युवा जुड़ाव - ममदानी ने अपने चुनावी अभियान में सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग किया। युवाओं के बीच अपनी छवि बनाने के लिए उन्होंने लगातार वीडियो जारी किए, जिनमें उन्होंने आम वोटरों के साथ सीधे संवाद किया। 2024 के चुनाव में ट्रंप को सपोर्ट करने वाले महंगाई प्रभावित वोटर्स तक भी उनका संदेश पहुंचा।
2. महंगाई और किफायती शहर पर जोर - कैंडिडेट ममदानी ने न्यूयॉर्क में बढ़ती महंगाई और रहने की लागत को चुनाव अभियान का केंद्र बनाया। उनके पोस्टर और रैलियों का संदेश साफ था: “एक ऐसा शहर जिसे हम अफोर्ड कर सकें।” उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई भाषाओं में उर्दू, बांग्ला, स्पेनिश और अरबी संदेश पहुंचाकर वर्किंग क्लास न्यूयॉर्कर्स को संबोधित किया।
3. हर जगह सक्रियता और नया अभियान मॉडल - चुनाव के अंतिम दिनों में ममदानी की उपस्थिति हर जगह दिखाई दी। उन्होंने चर्च, रेडियो शो, सुपरमार्केट, लाइव स्ट्रीम, यूनियन स्क्वायर और नाइटक्लब तक में वोटर्स से संपर्क किया। उनका कैंपेन ‘ओलिगार्की बनाम डेमोक्रेसी’ के रूप में जनता के सामने आया।
4. दिलों को छू गया उनका संदेश - पिछले अमेरिकी चुनावों में कई उम्मीदवारों के संदेश स्पष्ट नहीं थे। वहीं ममदानी ने अपने विचार और मकसद साफ तौर पर जनता तक पहुंचाए। उन्होंने अपने अभियान के माध्यम से लोगों के दिलों में विश्वास और उम्मीद जगाई। Zohran Mamdani
5. ट्रंप की नीतियों से असंतोष - टैरिफ और इमिग्रेशन नीतियों के चलते ट्रंप के विरोध में जनता ममदानी के समर्थन में आई। राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष विरोध और एंड्रयू कुओमो के समर्थन के बावजूद, ममदानी ने ट्रंप विरोधी मतदाताओं को अपने पक्ष में जोड़ने में सफलता पाई। Zohran Mamdani