
राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (NEOC) ने चेतावनी जारी की है कि 10 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और सभी प्रमुख नदियों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। केंद्र ने विशेष रूप से पंजाब, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा के संवेदनशील जिलों में आपदा संभावनाओं को लेकर सतर्क रहने को कहा है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) सहित सभी संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने विशेष चिंता जताई कि अगर तरबेला बांध के स्पिलवे खोले जाते हैं, तो सिंधु नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
राज्य के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, पिछले 48 घंटों में मूसलाधार बारिश से कम से कम 7 लोगों की जान गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। करीब 22 जिले प्रभावित हुए हैं और दर्जनों घर या तो पूरी तरह ढह चुके हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। ईरान की सीमा से सटा वाशुक जिला सबसे अधिक प्रभावित बताया गया है, जहां खेतों में खड़ी फसलें बह गईं और कई ग्रामीण परिवार बेघर हो गए हैं। दोनों शहरों में तेज बारिश के कारण जलभराव और दुर्घटनाएं हुईं। कम से कम छह लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।
मलकंद, बुनेर, मनशेरा और करक जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की जान चली गई। राज्य में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों को खाली कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं । अधिकारियों ने बताया कि काबुल, सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों के जलस्तर में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। इनके साथ-साथ स्वात और पंजकोरा जैसी सहायक नदियों में भी कभी भी उफान आ सकता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। Pakistan News